सरोद
मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
जबलपुर (मध्य प्रदेश)
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वादन सुनो सरोद का, सँग है सरगम ताल।
मन मयूर जब नाचता, समय बदलता चाल।।
वीणा और सरोद सँग, बजता मधुर मृदंग।
बजती है जब भैरवी, बिखरें अनुपम रंग।।
मंगल काज सँवारते, मधुर सरोद सितार।
तोरण सजते द्वार पर, होता मनु सत्कार।।
कृपा करें माँ शारदे, हो सरोद की तान।
करता कवि फिर है सृजन, गढ़े नये प्रतिमान।।
बजने लगता जब मधुर, मन का प्रेम सरोद।
छंद गीत कविवर रचे, करता हिय आमोद।।
नयनों में रस घोलती, मन में भरे हिलोर।
धुन सरोद की भावनी, उर हरती चितचोर।।
अनुपम वाद्य सरोद है, छेड़े उर के तार।
अति मधुरिम संगीत से, बहे अमिय रसधार।।
परिचय :- मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
निवासी : जबलपुर (मध्य प्रदेश)
पति : पुरुषोत्तम भट्ट
माता : स्व. सुमित्रा पाठक
पिता : स्व. हरि मोहन पाठक
पुत्र : सौरभ भट्ट
पुत्र वधू : ...






