प्रकृति
किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
********************
बादलों से आलिंगन करते
पर्वतों की श्रृंखला है अपार।
ऊंचे ऊंचे पर्वतो के मध्य
श्वेत झरनों की धार।
ऊँचे पर्वतो से यात्रा करके
मिलते हैं धरती से आज।
हर पल मे बरसते देखो
एक पल मै ओझल हो जाते,
अपने आंचल में है समेटे
बादलो का बिखर रहा है जाल।
हरियाली अपने यौवन पर
फल-फूल रहे हैं झाड़।
कभी गरजते कभी बरसते
कभी मौन हो जाते आप।
देख नजारा प्रकृति का
टकटकी लगाये अखियां आज।
देखो दृश्य ओझल ना हो जाये
स्वर्ग उतरा धरती पर आज।
परिचय : किरण विजय पोरवाल
पति : विजय पोरवाल
निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : बी.कॉम इन कॉमर्स
व्यवसाय : बिजनेस वूमेन
विशिष्ट उपलब्धियां :
१. अंतर्राष्ट्रीय साहित्य मित्र मंडल जबलपुर से सम्मानित
२. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन से सम्मानित
३. राष्...



















