कोरोना का कैसा रोना
सरिता कटियार
लखनऊ उत्तर प्रदेश
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घर में रहना यही है कहना
पर ना कोरोना से डरना
सुबह से शाम तलक ही रहना
एक एक जीव को बचकर रहना
उसके कब्जा करने से पहले
तुम उसको कब्जे में करना
किसी से बिलकुल नाही डरना
गुलाम आज़ादी ना करना
एक ही दिन बंधेजी करना
संडे है मिल जुल मस्ती करना
नये पकवान बनाते रहना
पर ना उसके बाप से डरना
सीखा नहीं कभी भी हारना
हिम्मत से सब काम करना
खा पी कर हाथ धोते रहना
पीछे हाथ धो कर है पड़ना
ज़रा जमीन से उसे भगाना
भूल जाये दोबारा आना
आकर उसे पड़े पछताना
विनती सरिता की ये मानना
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परिचय :- सरिता कटियार लखनऊ उत्तर प्रदेश
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