प्रेमदिवस विशेष
सरिता कटियार
लखनऊ उत्तर प्रदेश
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तू प्यार है हमारा इकरार कर लिया है
तेरे इश्क के ही रंग में मैने खुद को रंग लिया है
अब ज़िन्दगी का मेरी तू ही बने पिया है
ये सपना मैंने तुझसे साकार कर लिया है
जज़्बात ए मोहब्बत का इज़हार कर दिया है
दुनिया के सारे रिश्तों से तकरार कर लिया है
लाइलाज है बीमारी पर बीमार कर लिया
अब दवा या तू ज़हर दे स्वीकार कर लिया है
अपनाये या तू मेटे ग़म ए दर्द सर लिया है
मैनें तो अपना जीवन बर्बाद कर लिया है
उलफ़त में दिल बेकाबू कर कर तड़प लिया है
सकते ना कर कभी हम वो गुनाह कर लिया है
ये जानती न सरिता क्या इसने कर लिया है
राहे इश्क़ में ही खुदको रुसवा कर लिया है
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परिचय :- सरिता कटियार लखनऊ उत्तर प्रदेश
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