दर्द माली का
भारत भूषण पाठक
धौनी (झारखंड)
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व्यथित बहुत हुआ मन।
शाक ने माली से पूछा
जब माली तूने मेरे लिये
आज तक किया ही
आखिर भला क्या है ???
दर्द से तड़प उठा माली।
ये तो शाक ने आज दे दी
थी संभवतः आज गाली।।
उस शाक को अब तक जिसने
सींचा था पसीने से अपने।
आज शाक उससे है पूछ रहा।
आज तक आखिर मेरे
लिए तूने किया ही क्या है ?????
रो रहा था माली यह सोचकर।
धूप में जले हाथों को देखकर।।
आखिर उसने उसके लिए भला ही
आज तक किया ही क्या है ???
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लेखक परिचय :-
नाम - भारत भूषण पाठक
लेखनी नाम - तुच्छ कवि 'भारत '
निवासी - ग्राम पो०-धौनी (शुम्भेश्वर नाथ) जिला दुमका(झारखंड)
कार्यक्षेत्र - आई.एस.डी., सरैयाहाट में कार्यरत शिक्षक
योग्यता - बीकाॅम (प्रतिष्ठा) साथ ही डी.एल.एड.सम्पूर्ण होने वाला है।
काव्यक्षेत्र में तुच्छ प्रयास - साहित्यपीडिया पर मेरी एक रचना माँ तू ममता की विशाल व्योम को स्थान...


















