बसंत पंचमी प्रेम पर्व …
डॉ. पवन मकवाना (हिंदी रक्षक)
इन्दौर (मध्य प्रदेश)
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मेरे पास थी
इक टोकरी
जो मैं देना
चाहता था तुम्हें
बसंत पंचमी
प्रेम पर्व पर
कुछ गुलाब
सफ़ेद रंग के
जो प्रतीक है
शान्ति/अमन/सुलह
और भाईचारे का
मैं देना चाहता था
तुम्हें एक टोकरी ...
देना चाहता था तुम्हें
क्यूंकि तुम हो
मुझसे नाराज
हाँ ... मुझे है
ये आभास ...
कुछ गुलाब पीले
जो प्रतीक है
विशवास का/दोस्ती का
जिसकी और बढ़ाया था
तुम्हीं ने पहला कदम
भेजकर संदेश अपना
दिया था तुमने
एक प्यारा सा दोस्त
एक नया सपना
हाँ रख लोगे
पीले गुलाब तुम
अगर कभी समझा होगा
तुमने हमें जो दोस्त अपना
हाँ मैं देना चाहता था
तुम्हें एक टोकरी ...
कुछ गुलाब लाल भी हैं
जो प्रतीक हैं
प्रेम/पूजा/प्यार के इबादत के
देना चाहता था मैं तुम्हें
क्यूंकि तुम्हीं चाहते थे
कि कोई चाहे तुम्हें ...
दोस्त कि तरह/ध्यान र...


















