माँ
संजय कुमार नेमा
भोपाल (मध्य प्रदेश)
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मां सारे पुण्यों का
परिणाम हो तुम,
इस संसार में आया जब
मेरे कोरे मन पर,
लिखा पहला नाम हो तुम।
स्मृति में तुम्हारी
भूली बिसरी आती हैं यादें।
यादों से आंखें नम हो जाती है।
आपकी त्याग, तपस्या,
कर्तव्य निष्ठा, स्नेह की तस्वीर,
नजर आती है।
सब-कुछ पा कर भी
तुम्हारी, कमी रह जाती है।
बीते तुम्हारे दिनों की,
सदा याद आती है।
परिचय :- संजय कुमार नेमा
निवासी : भोपाल (मध्य प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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