वर्षा आई
राम शर्मा "परिंदा"
मनावर (धार)
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रिमझिम-रिमझिम वर्षा आई
चिड़िया रानी खूब नहाई।
कभी धूल में लोट लगाती
फिर पानी में लौट आती
शेम्पू--साबुन नहीं लगाई
चिड़िया रानी खूब नहाई।
चीं-चीं कर चिड़िया गाती
गाती जैसे प्रेम की पाती
मौसम आया बड़ा सुखदाई
चिड़िया रानी खूब नहाई।
पानी में ही दौड़ लगाती
दाना भी पानी में खाती
आज खुशी उसने है पाई
चिड़िया रानी खूब नहाई।
परिचय :- राम शर्मा "परिंदा" (रामेश्वर शर्मा) पिता स्व. जगदीश शर्मा आपका मूल निवास ग्राम अछोदा पुनर्वास तहसील मनावर है। आपने एम.कॉम बी एड किया है वर्तमान में आप शिक्षक हैं आपके तीन काव्य संग्रह १- परिंदा, २- उड़ान, ३- पाठशाला प्रकाशित हो चुके हैं और विभिन्न समाचार पत्रों में आपकी रचनाओं का प्रकाशन होता रहता है, दूरदर्शन पर काव्य पाठ के साथ-साथ आप मंचीय कवि सम्मेलन में संचालन भी करते हैं। आपके साहित्य चुनने का कारण - भ...

























