सरकार मज़े में है ….!
आशीष तिवारी "निर्मल"
रीवा मध्यप्रदेश
********************
फूल मज़े में है खार मज़े में है
झुठ्ठों का कारोबार मज़े में है।
जिसे पहन कर भागे थे वह
बाबा की सलवार मज़े में है ।
बढ़े हैं चोर उचक्के जबसे
रहता थानेदार मज़े में है।
औने-पौने फसल खरीदी कर
व्यापारी व व्यापार मज़े में है
सौ का ठर्रा पी के सो जाता है
रहता पल्लेदार मज़े में है।
मध्यम वर्ग का लहू पी कर
रहती है ये सरकार मज़े में है।
जनता को चूना लगाकर
नेताओं का रोजगार मज़े में है।
परिचय :- आशीष तिवारी निर्मल का जन्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले के लालगांव कस्बे में सितंबर १९९० में हुआ। बचपन से ही ठहाके लगवा देने की सरल शैली व हिंदी और लोकभाषा बघेली पर लेखन करने की प्रबल इच्छाशक्ति ने आपको अल्प समय में ही कवि सम्मेलन मंच, आकाशवाणी, पत्र-पत्रिका व दूरदर्शन तक पहुँचा दीया। कई साहित्यिक संस्थाओं से सम्मा...

















