धवल चाँदनी
मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
जबलपुर (मध्य प्रदेश)
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धवल चाँदनी भी मुस्काती,
रजनी भी इतराती है।
मस्त मिलन की बेला आई,
गोरी भी बलखाती है।।
छेड़े जुगनूँ प्रीति रागिनी,
दीपक आस जलाते भी।
संदल खुशबू तन से आती,
प्रियवर तुम्हें बुलाते भी।।
अर्पित है ये जीवन सारा,
साँस-साँस इठलाती है।
कोण-कोण फैला उजियारा,
झूम रही डाली-डाली।
नभ में तारों की मालाएँ
रात दिव्य प्रिय मतवाली।।
तन-मन आकुल आलिंगन को,
गोरी बात बनाती है।
मधु-उत्सव की मदिर उमंगें,
नेह नयन प्रिय बरसाते।
प्रेम पालने उन्नत होते,
रति जैसे हम मुस्काते।।
चंदा भी अठखेली करता,
निशा प्रेम की पाती है।
परिचय :- मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
निवासी : जबलपुर (मध्य प्रदेश)
पति : पुरुषोत्तम भट्ट
माता : स्व. सुमित्रा पाठक
पिता : स्व. हरि मोहन पाठक
पुत्र : सौरभ भट्ट
पुत्र वधू : डॉ. प्रीति भट्ट
पौत्री :...
























