अलविदा ना कहना
डाॅ. कृष्णा जोशी
इन्दौर (मध्यप्रदेश)
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सारी दुनिया है फ़िदा,
इस आँख में आँसू मेरे है।
मत कहो तुम अलविदा,
इस आँख में आँसू मेरे हैं॥
काम तेरा नेक था और,
नाम तेरा नेक था।
सच कहूँ तो लाख में तू ही,
अनूठा एक था॥
यह जगत तेरा दीवाना,
प्यार तुमसे कर रहा।
ज़िंदगी भर साथ रह,
इकरार तुझसे कर रहा॥
आपके जाने से सच में,
कोई मेरे साथ ना।
वो चाय चुस्की न होगी,
नाश्ते की बात ना॥
प्रेम दिल से है मेरा,
इस प्रेम को झुक जाइए।
कह रहे हैं हम आपसे,
श्री मान जी रूक जाइए॥
दिल मेरा ख़ुशहाल होगा,
हर खुशी आ जाएगी।
ज्ञान की सुंदर महक,
दिल में हमारे आयेगी॥
मत होइए सबसे विदा,
इस आँख में आँसू मेरे।
मत कहो तुम अलविदा,
इस आँख में आँसू मेरे॥
परिचय :- डाॅ. कृष्णा जोशी
निवासी : इन्दौर (मध्यप्रदेश)
रुचि : साहित्यिक, सामाजिक सांस्कृतिक, गतिविधियों में। ...























