अभिनन्दन नये वर्ष का
डॉ. सुलोचना शर्मा
बूंदी (राजस्थान)
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अभिनन्दन हो नये वर्ष का
लेकर पूजा की थाली
झूमें नाचें दीप जलायें
मंगल गायें आओ आलि
खलिहानों में सरसो फूले
झूमें बाली गेहूंओं वाली
कृषक झूमते अपने मद में
और झूमे नारी नखराली
वृक्ष वृक्ष पर नई कोंपलें
लकदक अमुआ की डाली
रंगोली भी एक बनाएं
इंद्रधनुषी रंगों वाली
नया गीत हो नई थाप हो
नव्य नवेली हो ताली
जले कपूर नेह प्रेम का
हो सुवासित रातें काली
माता आई नवदुर्गा बन
घर घर छाए खुशहाली
वंदन करें नव वर्ष का
लेकर पूजा की थाली !!
परिचय :- डॉ. सुलोचना शर्मा
निवासी : बूंदी (राजस्थान)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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