चाँद खामोश है
रंजना फतेपुरकर
इंदौर (म.प्र.)
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चाँद खामोश है
चांदनी उदास है
यादों को तरसती
हर सांस को
किसी आहट का इंतज़ार है
लम्हों को थामकर
जो चिराग रोशन किये
उस रोशनी को
किसी मुलाकात का इन्तज़ार है
रात की तनहाइयों में
फ़िज़ा भी उदास है
भीगी पलकों से
बहते सैलाब को
सुहाने ख्वाबों का इन्तज़ार है
अरमानों की राह पर
जिस मोड़ पर ठहर गए
उस मोड़ पर
किसी हमसफर का इंतज़ार है
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परिचय :-
नाम : रंजना फतेपुरकर
शिक्षा : एम ए हिंदी साहित्य
जन्म : २९ दिसंबर
निवास : इंदौर (म.प्र.)
प्रकाशित पुस्तकें ११
हिंदी रक्षक मंच इंदौर (hindirakshak.com) द्वारा हिन्दी रक्षक २०२० सम्मान सहित ४७ सम्मान
पुरस्कार ३५
दूरदर्शन, आकाशवाणी इंदौर, चायना रेडियो, बीजिंग से रचनाएं प्रसारित
देश की प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में निरंतर रचनाएं प्रकाशित
अध्यक्ष रंजन कलश, इंदौर
पूर्व उपाध्यक्ष वामा साहित्य मंच, इंदौर
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