पर्व पर आनंद मनाऊं कैसे
अंकुर सिंह
चंदवक, जौनपुर, (उत्तर प्रदेश)
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देखा था रोशनी जिन अपनों संग,
बिछुड़ उनसे दीप जलाऊं कैसे ?
रूठे बैठे है जो अपने सगे संबंधी,
बिन उनके मैं तिमिर हटाऊं कैसे ?
रिश्तों में उपहार साथ मिला था,
रस्म निभाने का बात मिला था।
फिर उनके बिन पर्व मनाऊं कैसे ?
जिनसे जन्मों का साथ मिला था ।।
मेरे अपने मुझसे मुख मोड़ बैठे है,
फिर गैरों संग दीप जलाऊं कैसे ?
त्योहारों पर छूटा यदि साथ अपना,
तो इस पर्व पर आनंद मनाऊं कैसे ?
परिचय : अंकुर सिंह
निवासी : चंदवक, जौनपुर, (उत्तर प्रदेश)
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