थोड़ी बहुत पिया करो
अलका जैन
(इंदौर)
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ओ सजनी ना कर शराब बंदी मिन्नतें करे दीवाना
दो घूंट में तू भी विश्व सुंदरी नजर आती जान जानी
कर मेहरबानी दिवाने आने दे आशियाने में
दुनिया से क्या पूछे दिवानै से पूछ शराब क्या है
जन्नत में भी शराब मिलती बहुत रानी
खुशी हो या गम शराब साथ जिसके जन्नत उसकी
दिवाने का बस चले तो शराब
राष्ट्रीय पेय घोषित करवा डाले सुन सजनी
शराब बांट कहलाये बावले सायाने नेता
शराब में नहीं कोई खराबी मान मेहबूबा
शराब भरे सरकारी खजाने तो काहे नहीं पिये मयकश
मयकशी में है कितने मजा एक घुंट तू पीले जानी
घूंघट में तेरी जवानी काहे खराब करे जानी
तू भी पी के टन हो जा मे भी जन्नत देखू
मजा ज़िंदगी यूं ले हम तुम जानू
जिसने नहीं पी शराब उसकी जिंदगी
समझो आधी हुई बेवजह खराब जानू
शराब से जिंदगी बन जाती मान जानू
जिसके साथ हम प्याला हो गया इंसान
उसकी यारी दोस्ती कभी नहीं टूटे जानू
शराब ऐसे रिश्ते ...























