मां पर कविता लिख सकूं
रमेश चौधरी
पाली (राजस्थान)
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में कवि हूं
मेरी कलम में
इतनी ताकत है कि,
में दुनियां का बखान कर सकूं।
परंतु मेरी कलम में
इतनी ताकत नहीं है की
में मां का बखान कर सकूं।
में कर्जदार हूं
मां के उस अमृत का,
में कर्जदार हूं
मां के उस आंचल का
में अपनी कलम से भी
नहीं उतार सकता हूं
उस कर्ज को।
में नमन करता हूं
उस मां सुभद्रांगी को,
में नमन करता हूं
उस मां जेवंताबाई को ,
में नमन करता हूं
उस मां हीराबेन को,
जिसने ऐसे शूरवीरों को,
जन्म दिया हो।
मेरी कलम में
इतनी ताकत नहीं है कि
में मां पर कविता लिख सकूं।
...... मां पर कविता लिख सकूं।।
परिचय :- रमेश चौधरी
निवासी : पाली (राजस्थान)
शिक्षा : बी.एड, एम.ए (इतिहास)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फ...

























