बेटी
विरेन्द्र कुमार यादव
गौरा बस्ती (उत्तर-प्रदेश)
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आधुनिक बेटीयाँ पढ़ लिखकर छू रही आसमान,
बेटी किसी की भी हो उनका करो हर समय सम्मान।
आधुनिक समाज में दानव बनता जा रहा दहेज,
दहेज का बढ़ता जा रहा कलयुग में तेजी से क्रेज।
दुल्हन को सदा समझे पढ़े-लिखे युवा दहेज,
अपने समाज से दहेज के दानव को दे दूर भेज।
बेटियाँ होती सदा हर घर-परिवार का गहना,
बेटियाँ मानती सदा परिवार के सभी सदस्यों का कहना।
सभी बेटियाँ होती बहुत ही कीमती व अनमोल,
समाज बेटियों को दहेज के रूप में दूसरों को देता तोल।
शादी के बाद वही बेटी दूसरे परिवार में बहू बन के जाय,
नित्य प्रतिदिन ससुराल में भी सबको पिलाये वह चाय।
सभी बहु-बेटियों का समाज में करे मान सम्मान,
दहेज के कारण किसी भी बेटी का न जाने पाये जान।
देश, समाज की बेटीयों को बचाओ!
मानव सृष्टि विलीन होने से बचाओ!
परिचय :- विरेन्द्र कुमार यादव
निवासी : गौरा बस...


















