मुँह में आया पानी
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रीतु देवी "प्रज्ञा"
(दरभंगा बिहार)
देख रसगुल्ला मुँह में आया पानी,
रसगुल्ले का रसास्वादन कर रही थी मक्खी रानी।
मुँह से लाड़ टपक रहा था,जीभ न मेरी मानी
बड़ी मुश्किल से खुद को संभाली,
समोसे देख मुँह में आ गया पानी
पर्स को टटोला मैंने,सिर्फ था नोट दस रूपया
कदम बढायी दुकान की ओर
गिरी धम्म से रसगुल्ले रस पर
रूपया जा उड़ा मूछटण्डे के धोती पर
शर्माती, मुस्कुराती करके इशारा,
खड़ी हो गयी उसके सामने
मूँछे ताने उसने दिया रूपया
मान मनौती करने पर श्यामलाल ने दिया समोसा, रसगुल्ला
बैठ बेंच निहारती रही समोसा,
रसगुल्ला
तभी न जाने कहाँ से आ गए बंदर मामा
छट से खाकर समोसा, रसगुल्ला
चिढाया बहुत मुझे बंदर मामा।
लेखीका परिचय :- नाम - रीतु देवी (शिक्षिका) मध्य विद्यालय करजापट्टी, केवटी दरभंगा, बिहार
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