सीढ़ी
संजय वर्मा "दॄष्टि"
मनावर (धार)
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सीढ़ी पर चढ़कर
ढूंढ़ता हूँ
बादलों में छुपे चाँद को
पकड़ना चाहता हूँ
चंदा मामा को
बचपन में दिलों दिमाग
में समाया था।
लोरियों, कहानियों में
रचा बसा था
माँ से पूछा की चंदा मामा
अपने घर कब आएंगे
ये तो बस तारों के संग ही रहते है
ये स्कूल भी जाते या नहीं
अमावस्या को इनके
स्कूल की छुट्टी होगी।
तभी तो ये दिखते नहीं
माँ ने आज खीर बनाई
इसलिए मामा को
खाने पर बुलाने के लिए
सीढ़ियों पर चढ़ कर देखा
मामा का घर तो बहुत दूर है।
इसलिए माँ सच कहती थी
चंदा मामा दूर के पोहे पकाए .....
बड़ा हो के रॉकेट से
चन्द्रमा पर जाऊंगा
जैसे गए थे निल आर्मस्ट्रांग
तब माँ के हाथो की बनी
खीर का न्यौता अवश्य दूंगा।
परिचय : संजय वर्मा "दॄष्टि"
पिता : श्री शांतीलालजी वर्मा
जन्म तिथि : २ मई १९६२ (उज्जैन)
शिक्षा : आय टी आय
निवासी...














