दिवाली पर मिलेगी…
संजय जैन
मुंबई
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दीप जलाओ तुम सब।
करो अंधकार को दूर।
रोशनी कर लो मन में।
इस दीपाली पर।।
घर का कचड़ा साफ करो।
मन को करो तुम शुध्द।
जग मग कर दो गली मौहल्ले
और अपना घर।
दिलो में खुशीयाँ भर दो,
इस दिवाली पर ।।
खुशीयाँ घर घर जाकर।
देते जाऊ तुम सबको।
मिले तुम्हे आशीष सदा,
बड़े बूढ़ों जनों का ।
दीपावली पर हिल मिलकर,
रहो तुम सब जन।
मिलेगी धन संपदा
तुम्हे इस दिवाली पर।।
मिलेगी धन संपदा .....।।
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लेखक परिचय :- बीना (मध्यप्रदेश) के निवासी संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं। करीब २५ वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत श्री जैन शौक से लेखन में सक्रिय हैं और इनकी रचनाएं बहुत सारे अखबारों-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहती हैं। ये अपनी लेखनी का जौहर कई मंचों पर भी दिखा चुके हैं। इसी के चलते कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा इन्हें सम्मानि...




















