दो टूक
किरण पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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अहम को विचारो से भगाना सीखो,
जीवन को सादगी से निभाना सीखो,
ना जाने कोई पल ऐसा आये,
मोती को एक डोर मै पिरोना सीखो,
वक्त और धन पर गुरूर कैसा,
यह तो समंदर के हिलोरे जैसा,
सुख और दुख तो हरदम साथ साथ,
कभी दायें तो कभी बायें चलते है साथ साथ,
तीखे तीर और तेवर को रखना सम्भाल के,
बाली भी भील बनकर आयेगा काल मै,
परिचय : किरण पोरवाल
पति : विजय पोरवाल
निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : बी.कॉम इन कॉमर्स
व्यवसाय : बिजनेस वूमेन
विशिष्ट उपलब्धियां :
१. अंतर्राष्ट्रीय साहित्य मित्र मंडल जबलपुर से सम्मानित
२. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन से सम्मानित
३. १५००+ कविताओं की रचना व भजनो की रचना
रूचि : कविता लेखन, चित्रकला, पॉटरी, मंडला आर्ट एवं संगीत
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ...

















