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Tag: प्रेम नारायण मेहरोत्रा

मेरे आराध्य
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मेरे आराध्य

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मेरे आराध्य देते भाव, तो मैं गीत लिखता हूं। श्रेष्ठ गायक सकें गा, इसलिए संगीत लिखता हूं। मेरे आराध्य ... करी आराध्य ने करुणा कृपा, तो राम मन भाए। लिखाई राम महिमा, जिसको गायक झूमकर गाये। न मैं कवि हूं न हूं गायक, समर्पण व्यक्त करता हूं। मेरे आराध्य ... तुम्ही ने प्रेरणा करके, नाम मधुशाला लिखवाई। जिसे संगीत और स्वर दे, विवेक और रोली ने गाई। सुनाते नाम महिमा तुम, कलम को मैं चलाता हूं। मेरे आराध्य ... लिखाते गीत मीटर में, तो गायक डूबकर गाते। जो गाते डूबकर भक्ति में, वो तेरी कृपा पाते। करी इतनी कृपा जिसका मै, हरपल गान करता हूं। मेरे आराध्य ... मेरे आराध्य तुमसे ये ही, विनती दास की तेरे। रमू बस नाम सेवा में, न अब माया मुझे घेरे। जो दी है नाम की सेवा, उसे निष्ठा से करता हूं। मेरे आराध्य ... ...
गंगा मैया ने सुनली पुकार
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गंगा मैया ने सुनली पुकार

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** गंगा मैया ने सुन ली पुकार, बुलावा भेज दिया। देखी बच्चे की तड़प अपार, बड़ा उपकार किया। गंगा मैया ने सुन ली ... माघ मेला सजाती है मैया मेरी, अपने बच्चों को बाहों में लेने के मित। जो समझ पाते है अपनी मां की तड़प, वो लगाते हैं डुबकी तो उनका है हित। मां ने आंचल में अपने बुला बच्चो को, उन पर अपना दुलार बहा है दिया। गंगा मैया ने सुन ली ... निकली गौमुख से, और जाके सागर मिली। निकली जिस तीर्थ से, उसकी महिमा बढ़ी। जहां निकली और बच्चे मिलन आए तो, उनपे अपनी कृपा बरसा है दिया। गंगा मैया ने सुन ली ... मैने हरद्वार में मां को पाया बहुत, भाव आया कि भक्तों को लेकर चलूं। वृद्धों की सेवा का फल मिलेगा मुझे साथ जाने वाला धन कमाता चलूं। मेरे आराध्य ने सात्विक भाव को, देके साहस सदा ही है पूरा किया। गंगा मैया ने सुन ली...
प्रभु कृपा
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प्रभु कृपा

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** श्रेष्ठ योनी में भेजा है प्रभु ने तुझे, नाम सुमिरन से सार्थक बनाते चलो। जग के कार्यों के संग, नाम जपते रहो, प्रभु की किरपा का नित लाभ पाते चलो। श्रेष्ठ योनी में ... है मनुजतन तुझे मुक्ति हेतू मिला, जो भी दे शीश धर, कर न कोई गिला। राम का नाम जप, मुक्ति साधन सरल, बस इसे तुम सदा गुनगुनाते चलो। श्रेष्ठ योनी में ... सृष्टि के सृजनकर्ता का बालक है तू, उसने सृष्टि रची, उसका पालक है वो। श्रेष्ठ अवसर मिला, मुक्ति पाने के मित, पग इसी मार्ग पर, नित बढ़ाते चलो। श्रेष्ठ योनी में ... भक्त हनुमानजी राम जप में रमे, करके सेवा बने, रामजी के सगे। तुझको भी मुक्ति पानी इसी जन्म,तो नाम में डूब सबको डुबाते चलो। श्रेष्ठ योनी में ... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित क...
भारत मां से पंचतत्व ले
कविता

भारत मां से पंचतत्व ले

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** भारत मां से पंचतत्व ले, ईश्वर ने है हमें बनाया। इसीलिए भारत मां है, सब संतों ने है यही बताया। भारत मां से... मां की सेवा, रक्षा करना, सर्वोत्तम कर्तव्य हमारा। भारत भूमि ने ही अबतक, सात्विक पोषण किया हमारा। जो दायित्व दिया ईश्वर ने, उसने ही है पूर्ण कराया। भारत मां से... जो अर्पित सीमा रक्षा को, उनको प्रति पल नमन हमारा। उनको भी है नमन, जिन्होंने, राष्ट्र पे अपना सब कुछ वारा। जो विकास का लक्ष्य ले चले, अखिल विश्व में मान बढ़ाया। भारत मां से ... जो भी जहां दे रहा सेवा, सर्वोत्तम का लक्ष्य बना ले। सब कुछ दिया देश ने हमको, निष्ठा से वो कर्ज चुका ले। जो निष्काम लगा सेवा में, उसने सबका प्यार है पाया। भारत मां से... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमा...
नया सृजन
भजन

नया सृजन

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** राम जी कृपा से मिला है ये तन, नाम सुमिरन में इसको लगा दीजिए। जग के कार्यों के संग नाम जपते हुए, अपनी आत्मा को निर्मल बना लीजिए। राम जी की ... प्रभु ने दी श्रेष्ठ योनी है मुक्ति के मित, तू भी करले जतन, इसमें ही तेरा हित। प्रभु की किरपा को सार्थक बनाने के मित, नाम सुमिरन में मन को रमा लीजिए। राम जी की... तेरे पूर्व सत्कर्मों का फल है ये तन, इसका उद्देश्य पूर्ति का साधन तू बन। नहीं मालूम फिर अवसर मिले ना मिले, राम सांसों में अपनी बसा लीजिए। राम जी कृपा... तेरे सत्कर्म पितरों को भी भाएंगे, तुझको अन्तर का आशीष दे जाएंगे। तुझको पितरों के ऋण से मुक्ति पाना तो, नाम सुमिरन और लेखन में रम जाइए। राम जी की कृपा... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ...
सब शौक हुए पूरे, अब सांसों को जीना …
कविता

सब शौक हुए पूरे, अब सांसों को जीना …

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** सब शौक हुए पूरे, अब सांसों को जीना। वो देता ज्ञान अमृत, बस उसको ही पीना है। सब शौक... दी हमको श्रेष्ठ योनी, उपकार है प्रभू का। परिवार दिया उत्तम, ये प्यार है प्रभू का। दायित्व जो भी देता, पूरे वही कराता। जैसे भी प्रभु रखे, वैसे हमें जीना है। सब शौक... सृष्टि का सृजन करता, ये कार्य है प्रभू का। सृष्टि को पोषणा भी, इक कार्य है प्रभू का। गिनती की मिली सांसे, निश्चित है ये रुकेंगी। जो भी बची है उनको, सुमिरन में लगाना है। सब शौक... मानव की योनी ईश्वर, मुक्ति के हेतु देता। बुद्धि विवेक देकर, वो श्रेष्ठ बना देता। सब संत यही कहते, बस राम नाम जप तू। प्रभू नाम में ही रमकर, मुक्ति को भी पाना है। सब शौक ... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करत...
श्रेष्ठ भक्त का जन्म दिवस है
कविता

श्रेष्ठ भक्त का जन्म दिवस है

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** सबने उत्तम अवसर पाया। विगत अनेकों वर्षों से, राधे भैया ने झूम मनाया। श्रेष्ठ भक्त... राधे भैया ने निवास को, सत्संग से है तीर्थ बनाया। प्रेरक बनकर हम अनुजो के, सबको भक्ति मार्ग दिखाया। श्रेष्ठ भक्त ... उनका वरद हस्त है सिर पर, ये आशीष सदा फलता है। वे जो मार्ग बताते हमको, उसपर परमेश्वर से मिलाया। श्रेष्ठ भक्त... हनुमत से प्रार्थना यही है, उनको पूर्ण स्वस्थ वो करदे। सत्संग बिन व्याकुल आत्मा को, दे सत्संग तृप्त वो करदे। हनुमत सदा दास की सुनकर, तुमने उसका मान बढ़ाया। श्रेष्ठ भक्त का... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आप सभी को नववर्ष पर हार्दिक शुभकामनाएँ। आशा है...
क्षणभंगुर और नश्वर तन को
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क्षणभंगुर और नश्वर तन को

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** क्षणभंगुर इस नश्वर तन, को केवल ईश्वर चला रहा है। तुझको सिमरन का अवसर दे निज चरणों में बुला रहा है। क्षणभंगुर और नश्वर तन को .... ईश्वर की करुणा कृपा का पूरा लाभ उठा ले बंदे। प्रभु नाम सुमिरन हीं काटे कटेगा, तेरे माया के फंदे। तेरा पिता बाहें फैलाए तेरी और निहार रहा है। क्षणभंगुर इस नश्वर तन को .... जन्म मरण से मुक्ति हेतु, तुझको श्रेष्ठ योनि में भेजा। निज स्वामी की सेवा देकर उसने तेरा भाग्य सहेजा। तेरा यशवर्धन के मित वो प्रभु महिमा को लिखा रहा है। क्षणभंगुर और जो दायित्व दिए हैं तुझको उसने ही पूरे करवाए, राम नाम लिखता लिखवाता ये सत्कार उसे है भाए। तुझसे प्रभु महिमा लिखवा कर, शत भक्तों से गवा रहा है। क्षणभंगुर और .... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह...
सब शौक हुए पूरे
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सब शौक हुए पूरे

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** , अब सांसों को जीना है। अमृत ज्ञान दे रहा ईश्वर, अब बस उसको ही पीना है। सब शौक........ दी हमको श्रेष्ठ योनि, उपकार है प्रभु का। परिवार दिया उत्तम, ये प्यार है प्रभु का। दायित्व जो भी देता, पूरे वही कराता। जैसे भी प्रभु रक्खे, वैसे हमें जीना है। सब शौक........ सृष्टि का वो सृजन कर रहा, ये है कार्य प्रभु का। सृष्टि को पोषण भी, एक कार्य है प्रभु का। गिनती की मिली सांसे, निश्चित है ये रुकेंगी। जो भी बची हैं उनको, सुमिरन में लगाना है। सब शौक............ मानव की योनि ईश्वर, मुक्ति के हेतु देता। बुद्धि विवेक देकर, वो श्रेष्ठ बना देता। प्रभु नाम में ही रमकर, मुक्ति हमें पाना है। सब शौक.......... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि म...
तू है जगत पिता
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तू है जगत पिता

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** तू है जगत पिता तो मैं भी तेरा ही वंशज हूं। तूने करुणा बरसाई तो जीवों में अग्रज हूं। तू है जगत पिता तो मैं भी तेरा ही वंशज हूं। मैं संसारी जग में आया जगमाया में डूबा, मैं मेरा में सीमित रहकर जीवन से था ऊबा। तेरी सेवा जब पाई थोड़ी जीवन में रस आया, सुमिरन का जब जाम पिया तो जग का कुछ ना भाया। तेरे सृजन के रस में डूबा भंवरा हूं, पंकज हूं। तू है जगत पिता तो मैं भी तेरा ही वंशज हूं। तेरी कथा सुनना-सुनवाना ही अब मुझको भाता, तेरा नाम जपता, जपवाता इसमें ही दिन जाता। जितनी सांसे हो खाते में निज सेवा में रखना, तेरे नाम से तृप्त आत्मा अब जग का क्या चखना। राह का एक कंकड़ था, अब तेरे चरणों की रज हूं। तू है जगत पिता तो मैं भी तेरा ही वंशज हूं। तेरे भक्त गाली भी दे तो तेरा प्रसाद ही समझूं , मान और अपमान ...
राम नाम की महिमा
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राम नाम की महिमा

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** शाश्वत मंत्र दिया हनुमत ने, उसका हूं मैं सुमिरन करता। करुणा बरस रही ईश्वर की, उससे हूं नित झोली भरता। शाश्वत मंत्र... हनुमत राम जप रहे प्रतिपल, दोनो हाथों इसे लुटाते। जो आस्था को दृढ़ करपाते, उनकी झोली मोती आते। प्रभु चरणों में डाल दुखों को, वोnअभक्तों के दुख है हरता। शाश्वत मंत्र... जिसने भी इस मंत्र को पकड़ा, उसका जीवन धन्य हो गया। शबरी ने था नाम को जपा, दरस को ईश्वर घर पे आगया। शिव जी जपते प्रतिपाल उसको, वो शिव का है पूजन करता। शाश्वतमंत्र ... राम नाम को रोगी जपता, उसकी औषधि है बन जाता, राम राम है योगी जपता तो, आत्मत्व में है जग जाता। सांसों में प्रभु नाम रमा पाया, वो जीवन मुक्त है करता। शाश्वत मंत्र... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणि...
राधा रानी मै बरसाने में …
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राधा रानी मै बरसाने में …

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** राधा रानी मै बरसाने में आ गया, खुद बताओ कि कैसे मनाऊं तुम्हे। तेरे कान्हा के कुछ गीत मैने लिखे, आओ बैठो तो उनको सुनाऊं तुम्हे। राधा रानी... राधा रानी हो तुम, महारानी हो तुम, बृज की गलियों की रसमय कहानी हो तुम। ब्रज में सब हर समय नाम तेरा जपे, राधे राधे ही मै भी सुनाऊं तुम्हे। राधा रानी... जो भी बसते यहां, उनको तुम पालती, उनके नीरस हृदय में, तुम रस डालती। क्या से क्या बन गया हूं, शरण तेरी पा, जानती हो तो क्या मैं बताऊं तुम्हे। राधा रानी... सोते जगते जपो, हंस के गाके जपो, राधा रानी ये सुनने को आ जाएंगी। नाम पावन है, ये बस गया सांस में, रीझकर तुझपे करुणा बहा जाएंगी। तेरा वात्सल्य कितना है प्यारा, चीर अंतर को कैसे दिखाऊं तुम्हे। राधा रानी... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) ...
थोड़ी उससे प्रीत बढ़ा लूं
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थोड़ी उससे प्रीत बढ़ा लूं

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** ईश्वर ने एकांत दिया है, कुछ उसकी महिमा को गा लूं। उसके सुमिरन में रम के मै, थोड़ी उससे प्रीत बढ़ा लूं। ईश्वर ने ......... ईश्वर है करुणा का सागर, भक्ति के मोती लुटा रहा है। उसकी भक्ति पाने के मित, मैं भी तो झोली फैला लूं। ईश्वर ने....... वो तेरे अंतर में रहकर, प्रतिपल तेरा ध्यान धर रहा। उसके प्रति कृतज्ञता ज्ञापन, मित मैं थोड़े अश्रु बहा लूं। ईश्वर ने ......... वो तो सदा पिता बनके ही, सबको निज संतान मानता। मैं भी बनके बालक उसका, चरणों में निज शीश नवा लूं। ईश्वर ने.......... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है। आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने प...
नारी शक्ति का दिवस
कविता

नारी शक्ति का दिवस

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** नारी शक्ति का दिवस आज है, थोड़ा इनका वंदन कर लो। मान सभी को प्रिय लगता है, इनका सब अभिनन्दन कर लो। नारी शक्ति......... फूलों सा कोमल मन इनका, मोम सरिस ये पिघल है जाता। निर्मल मन जब इनको दिखता, वो ही इन्हें बहुत है भाता। पुष्प गुच्छ कर भेंट इन्हें, इनमें जसुदा मईया को जगा लो। नारी शक्ति........ दुर्गा, चंडी को मत देखो, वो इनका विकराल रूप है। ये है मंद पवन का झोंका, हम सब तो बस कड़ी धूप है। इनके मातृ रूप के संग तुम, अपना रिश्ता कायम कर लो। नारी शक्ति......... अन्नपूर्णा और सरस्वती , इनके रूप मधुर लगते हैं। पर कुदृष्टि डाले यदि कोई, दुर्गा, काली बन जगते हैं। अन्नपूर्णा रूप जगाकर, जो खिलाएं उसको सिर धर लो। नारी शक्ति......... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र ...
मानव तन मुक्ति का साधन
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मानव तन मुक्ति का साधन

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मानव तन में भेजा प्रभु ने, जनम मरण से मुक्ति हेतु। राम नाम सुमिरन में लग जा, ये ही बन जाएगा सेतु। मानव तन......... ईश्वर है करुणा का सागर, सबपर करुणा बरसाता है। जिसकी दृढ़ आस्था ईश में, पात्र उसी का भर पाता है। अपने मन को निर्मल करले, अन्तर इष्ट को देखेगा तू। मानव तन............ सारी सृष्टि है प्रभु की रचना, हम सब ही हैं उसके बच्चे। राग द्वेष को दूर भगा दो, बन जाओगे साधक सच्चे। डूब गया प्रभु की भक्ति में, सब में प्रभु को देखेगा तू। मानव तन.......... ईश्वर की सुंदर बगिया में, फूलों की सुगंध बहती है। प्रतिपल प्रेम लुटाता ईश्वर, संतों की वाणी कहती है। आस्था की झोली फैला दे, कृपा के मोती पायेगा तू। मानव तन........... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह ...
बांके बिहारी की महिमा
स्तुति

बांके बिहारी की महिमा

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मेरे बांके बिहारी दयालु बहुत, दर बुलाकर है दर्शन का अवसर दिया। वो हैं करुणामई, भक्तवत्सल भी हैं, जिसने जो कुछ भी मांगा, वही दे दिया। मेरे बांके... आप यों ही बुलाते रहोगे अगर, मेरे पहले के सब पाप, कट जाएंगे। दरस पाकर तो, निर्मल बनेगा ही मन, पाप की राह पर,फिर नहीं जाएंगे। तेरी औरा की डोरी से यदि बंध गए, फिर कहीं भी लगेगा, न मेरा जिया। मेरे बांके... तुम बुलाते जिन्हें, वो ही आ पाते हैं, पा के दर्शन, छवि मन को भा जाती है। जाते घर को तो, मन छूट जाता यहां, सोते जगते, तेरी याद ही आती है। तुम सलोने हो, करुणामई हो बहुत, खुद बतादो, कि क्यों ऐसा जादू किया। मेरे बांके... तेरे महिमा को, लिखने का मन कर रहा, भाव दोगे तुम ही, तो ही लिख पाऊंगा। तेरी वंशी की धुन है मधुर, कर्णप्रिय, दोगे स्वर ज्ञान, तो ही तो गा पाऊं...
विकृत मानसिकता का सही दंड
कविता

विकृत मानसिकता का सही दंड

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** हर नारी दुर्गा बन जाए, तो ही उसकी लाज बचेगी। डी जी को दे भेंट चूड़ियां, तो ही उनकी नींद खुलेगी। हर नारी ... नारी को सबला करदो मां, कोई दुष्ट सता ना पाए। यदि दस राक्षस उसे घेर लें, चंडी बन वो उन्हें मिटाए। तुम प्रेरणा करो नारी को, चाकू ले वो तभी चलेगी। हर नारी ... शासन गुंडों का रक्षक है, उससे कोई आस नहीं है। महिला के आभूषण लुटते, पुलिस तंत्र को लाज नहीं है। तुम्ही क्रुद्ध होगी जब मैया, तब दुष्टों की जाति मिटेगी। हर नारी ... जो कुदृष्टि डाले नारी पर, किन्नर उसे बना दो मैय्या। नवरातो में चंडी बनकर, दुष्टों को संघारो मैय्या। रुद्र रूप में आओ मैय्या, तब नारी की लाज बचेगी। हर नारी ... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना ...
आत्मा परमात्मा
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आत्मा परमात्मा

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** आत्मा परमात्मा का अंश है, स्वीकार करले। और उसके मार्गदर्शन में ही, तू सत्कर्म करले। आत्मा परमात्मा ... आत्मा कर्मो का तेरे, पूरा लेखा है बनाती। इसीसे दुष्कर्म के पहले, सदा तुझको जगाती। इसलिए आत्मा के हर संदेश, को स्वीकार करले। आत्मा परमात्मा ... कमल कीचड़ में है उगता, पर सदा ही स्वक्ष रहता। सांप चंदन में लिपटते, पर नहीं वो विषाक्त होता। तू सुरक्षाकवच अपनी, आत्मा का ही पहनले। आत्मा परमात्मा ... श्रेष्ठतम योनि में भेजा और, रहता साथ हरपल। कार्य सब ईश्वर के मिटकर, होगा तब हर कार्य निश्चल। हांथ जग के कार्य करते, शवांसो को सुमिरन से भर ले। आत्मा परमात्मा ... आत्मा हरपल तेरे कर्मो, की शाक्षी बन रही है। और निज अंशी से जुड़ने, के भी अवसर दे रही है। नहीं जा तू कंदरा में, बस प्रभु की शरण लेले। आत...
प्रभु नाम महिमा
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प्रभु नाम महिमा

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मेरे प्रेम को मान इतना दिया प्रभु, कि मैं स्वयं को भूलता जा रहा हूं। तुम स्वामी हो मेरे, मैं सेवक तुम्हारा, इसी भाव को पोस्ता जा रहा हूं। मेरे प्रेम को ... तुम्ही ने लिखाई है, प्रभु नाम महिमा, तुम्ही ने कहा "प्रेम" भक्ति में बह जा। तेरे मार्गदर्शन में कुछ पग बढ़ाए, तो मैं राम जी की कृपा पा रहा हूं। मेरे प्रेम को ... तुम हर पल रमें हो प्रभु नाम जप में, सभी को बताते हो, बस युक्ति है ये। जिसे भा गई युक्ति, और रम गया जो, वो कलयुग में भी मुक्ति ही पा रहा यूं। मेरे प्रेम को ... प्रभु नाम महिमा को जो भक्त गाते, वे हर मंच पर हैं, बहुत मान पाते। तेरे गीत गायक का साधन हैं बनते, इसी प्रेरणा से लिखे जा रहा हूं। मेरे प्रेम को ... तुम्ही नाम महिमा के सर्वज्ञ ज्ञाता, जो हो पूर्ण अर्पित वो "मानस" लिखवाता। प्रभु नाम...
भक्त प्रेम
कविता

भक्त प्रेम

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** भक्त "प्रेम" ये पूछ रहा है, अवधवासियों क्या कर डाला। मंदिर भव्य बनाया जिनमे, उनको क्यों पीड़ा दे डाला। भक्त प्रेम... मंदिर से पर्यटन बढ़ेगा, सीधा लाभ तुम्ही को होगा। सभी क्षेत्र व्यापार बढ़ेगा, बच्चो को घर द्वार मिलेगा। पर जब आत्मा कोसेगी तो, प्रतिपाल हृदय चुभेगा भाला। भक्त प्रेम... दस वर्षों का काम न देखा, नहीं दिखी तुझे ईमानदारी। कारसेवकों के दोषी ने फैला भ्रम मति है मारी। जिसदिन हनुमत कुपित हो गए, नहीं गले उतरेगा निवाला। भक्त प्रेम... दस सालों के सत्ता भूखे, तुम्हे नोचने को व्याकुल है। जो भारत की प्रगति कर रहा, उसे हटाने को एक जुट हैं। बच्चे, पोते जब पूछें तो, बतलाना क्यों किया घोटाला। भक्त प्रेम... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता ह...
विनती हनुमान जी से
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विनती हनुमान जी से

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मेरे हनुमान जी है तुमसे विनती मेरी, शक्ति मोदी की हरदम बढ़ाते चलो जो हैं हिंदू मगर हैं विमुख देश से, उनको निज कर्मों का फल चखाते चलो मेरे हनुमान जी... मोदी सनातनी हैं, और राम भक्त हैं वो हैं शिव जैसे फक्कड़, न आसक्त हैं उनकी निष्काम सेवा को आशीष दे, जग को मोदी ही मोदी रटाते चलो। मेरे हनुमान जी... आज दुश्मन सब थर्राएं इनके नाम से हैं खड़े सीना तानें दुनिया के सामने अब बजा है बिगुल आर्थिक तेज़ी का इस प्रगति पथ पर भारत चलाते रहो मेरे हनुमान जी... मोदी परिवार मानें, अखिल राष्ट्र को, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, प्रिय आपको सबका परिवार सुख से रहे देश में, ऐसी अपनी कृपा को बरसाते चलो मेरे हनुमान जी... भ्रष्ट और भ्रष्टतम उनके पीछे पड़े उनको पथ से हटाने पर हैं सब अड़े आज भारत को उनकी ज़रूरत बड़ी, बनके रक्...
हनुमत ऐसा भाव बहा दो
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हनुमत ऐसा भाव बहा दो

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** हनुमत ऐसा भाव बहा दो, जिससे सुंदर गीत बन सकें। पूर्ण समर्पित हो मन तुमको, और भक्ति रसधार बह सके। हनुमत ऐसा भाव ... तुमने जिस पर कृपा दृष्टि की, उसका ही उद्धार हो गया। जिसको स्वामी से मिलवाया, वो ही भव से पार हो गया। मुझको मार्ग दिखाते रहना, जिससे सेवक धर्म निभ सके। हनुमत ऐसा भाव ... तुमने प्रभु राम से अपने, राजा की संधी करवाई। अभय दान दिलवा राजा को, बाली को मुक्ति दिलवाई। राम काज को भूला राजा, नीति बताई, प्राण बच सके। हनुमत ऐसा भाव ... तेरे संत हृदय ने दंभी, रावण को सद्ज्ञान था दिया। पर निज अहंकार के कारण, उसने इसका मान ना किया। रावण ने कुल नाश कराया, प्रभु हाथों से मुक्ति मिल सके। हनुमत ऐसा भाव ... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता ...
राम नाम महिमा
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राम नाम महिमा

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** राम का नाम मुक्ति का साधन सरल, शक्ति दो नाम लेखन बढ़ाता चलूं। ऐसी गंगा बहा दो हृदय में प्रभु, आखिरी सांस तक नाम सुमिरन करूं। राम का नाम मुक्ति.......... नाम महिमा अकल्पित, असीमित है प्रभु, ज्ञान अनुरूप महिमा को गाता रहूं। भाव मां दे रही, शक्ति हनुमत ने दी, मैं तो बस लेखिनी को चलाता रहूं। राम का नाम मुक्ति........... बहुत संतो ने महिमा सुनाई सदा, पर नहीं कोई संपूर्ण को गा सका। नाम पर शोधकर लोग डॉक्टर बने, पर नहीं कोई भी अंत को पा सका। मुझको हनुमतकृपा राम सेवा मिली, सांस जब तक चले, मैं निभाता रहूं। राम का नाम मुक्ति........ सोते जगते सदा, साथ में नाम हो, कार्य जग के करूं, मन में बस राम हो। नाम के जाम इतने पिला दो हनु, जिसको देखूं उसी में मेरा राम हो। मेरी सांसों में बस नाम चलने लगे, राम ही राम मैं ग...
ईश्वर का संदेश
श्लोक

ईश्वर का संदेश

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** रचा है सृष्टि को स्वयं मैने, और मैं ही इसको चला रहा हूं। जो माया में चिपके भूल मुझको, उन्हें मैं प्रतिदिन बुला रहा हूं। रचा है सृष्टि ... दी श्रेष्ठ योनि मनुज को मैने, बुद्धि और विवेक भी दिया। वचन दिया था जपूंगा तुझको, पर इसने वो नहीं है किया। दिया है स्वातंत्र करम का इसको, खुद इसका लेखा बना रहा हूं। रचा है सृष्टि ... मेरी ही माया मे फंस रहे सब, जो कर दिखाया उसे न माना। हैं गाड़ी, बंगला सदा से नश्वर, पर जन्म का ध्येय इसी को माना। न मद में धन, ये डूब जाए, इसी से ठोकर खिला रहा हूं। रचा है सृष्टि ... हर युग में रावण और कंस जन्मे, मिटाया उनको स्वयं ही आकर। रिझा लिया मीरा, सूर, तुलसी, ने मेरी महिमा को लिख और गाकर। अजामिल, गनिका थे घोर पापी, जगे तो मुक्ति दिला रहा हूं। रचा है सृष्टि ... परिचय :- प...
केदारनाथ से विनती
भजन

केदारनाथ से विनती

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मुझे अपने दर पर बुलालो ओ बाबा, दरस को तेरे प्राण अटके हुए है। है माया ने घेरा, तुम्हारी है माया, उसी में है भटके और लटके हुए हैं। मुझे अपने दर... जिन्हें किया प्रेरित, वे पहुंचे तेरे दर, मगर मैं अभागा, पहुंच ही न पाया। दुबारा गए तेरे दर, भक्त काफी, मगर घोर बारिस, ने वापस भगाया। पसीजोगे एक दिन, तड़प पर मेरी तुम, इसी आस डोरी से लटके हुये हैं। मुझे अपने दर... तेरे ग्यारह लिंगों के, दर्शन गए हो, हुए ज्यों ही दर्शन, तो मन शांति पाया। लगा हूँ ,कई वर्षो से पंक्ति तेरी, मगर तुमने मेरे संदेशा, न पाया। किया काठमांडू, में तेरा शिवार्चन, उन्हें भी बताया, कि भटके हुए हैं। मुझे अपने दर... ७८ बरस होगये, मेरे पूरे, बुला लो जन्मदिन, तेरे दर मनाऊं। परम भाग्य जागेगा, मेरा उसी दिन, जिस दिन बाबा तेरे, मैं दर्शन को पाऊँ...