रोटी की महिमा
प्रो. डॉ. शरद नारायण खरे
मंडला, (मध्य प्रदेश)
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भूख से बड़ी वेदना नहीं है यह तो समझो।
मिल जाए रोटी यही कामना, यह तो समझो।।
भूख तो मानव जीवन का ही है हिस्सा।
पेट को भरने का ही तो है देखो सब किस्सा।।
पेट भरा हो तो दुनिया लगती अति प्यारी है।
भूख के आगे यह सारी दुनिया ही हारी है।।
भूख ही तो दुनिया से देखो सारे पाप कराती है।
भूख ही तो नित सारे यह संताप बढ़ाती है।।
कहते हैं कि कभी भूखे भजन न होय गोपाला।
सही बात है रोटी का ही तो सब गड़बड़झाला।।
रोटी के आगे तो देखो सब कुछ ही बोना है।
रोटी से ही उजला लगता घर का हर कोना है।।
रोटी मिलना बहुत देखो भाई बड़ा वरदान है।
मिलती रहे सबको रोटी यही आज अरमान है।।
भूख से बड़ी वेदना नहीं है, यह तो समझो।
रोटी देने से बड़ी संवेदना नहीं है, यह तो समझो।।
परिचय :- प्रो. डॉ. शरद नारायण खरे
जन्म : २५-०९-१९६१
निवासी :...

