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Tag: सुमन मीना “अदिति”

मेरी कलम
कविता

मेरी कलम

सुमन मीना "अदिति" दिल्ली ******************** मेरी कलम मन के भावों का इंद्रधनुष बनाती है, दिल की आवाज़ को ये दुनिया तक पहुँचाती है। मेरी कलम हर अहसास को स्याही में उतारती है, इस जिंदगी की कहानी को पन्नों पर संवारती है। मेरी कलम खुशी के रंगों से ज़िंदगी को सजाती है, तो कभी गम के आँसुओं से भीग जाया करती है। मेरी कलम देशभक्ति की भावना का गीत गाती है, कभी दर्द कहती, कभी सच्चाई उजागर करती है। मेरी कलम भावों की गहराई शब्दों में पिरोती है, लवजों में अपने यह इश्क के फंसाने लिखती है। मेरी कलम समाज सेवा में अपना सार लगाती है, सत्य की मशाल बन अन्याय का विरोध करती है। मेरी कलम ज़ुबान बनके दिल का हाल सुनाती है, अपनी लेखनी शक्ति से कालजयी गाथा रचती है। मेरी कलम एक साथी है जो हमेशा साथ रहती है, मन के मेरे उतार-चढ़ाव को ये बखूबी समझती है। परिचय - सुमन मीना "अदिति" निवास...
बचपन
कविता

बचपन

सुमन मीना "अदिति" दिल्ली ******************** वो छोटी-छोटी शरारतें वो मस्तियां, वो नादानियां वो परियों वाली कहानियां वो कलियां, वो तितलियां वो खिलौनों वाली दुनियां वो गुड्डे गुड़ियां का खेल वो आंचल में जा छिप जाना वो थपकियां, वो लोरियां वो हर बात पर जिद्द करना वो लाड़ प्यार, वो दुलार वो बारिश बूंदों की रिमझिम वो पैरों की छप छप वो बारिश का पानी वो कागज़ नांव की कश्तियां वो मासूमियत भरी मुस्कान वो धूल मिट्टी, वो शोर वो कच्ची आम की कैरियां वो पगडंडियां, वो खुशियां वो सुनहरे सपनों से सजी रातें वो सुकुनियत, वो बेफिक्री वो सीधा सरल जीवन वो नासमझी, वो निश्छलता। “कीमत जो भी होगी चुका दूंगी..., गर कोई लौटा देगा बचपन के इन दिनों को।” परिचय - सुमन मीना "अदिति" निवासी : दिल्ली घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना...