शौर्य यात्रा
किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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शोर्य वीरता स्वाभिमान है
वीर पराक्रमी योद्धा यहां,
चाहे रक्त बहा धर्मवीरों का
पर धर्म सनातन अमर यहाँ,
वार किया विध्वंस किया मूल
नाश किया उन आतताईयो ने,
मुगलों ने मंदिरो को तोड़े है पर
"आस्था" तोड़ न सके मन का।
मुगलों का आक्रमण झेला है,
कितने मंदिरों को तोड़ा है,
आखिर में हार गए पापी, पर
धर्म को सनातनियों ने नहीं छोड़ा है।
थे एकजुट हे एक लक्ष्य हे
मानवता हे प्रेम यहां,
हे वीर पराक्रमी योद्धा यहां,
हे देशभक्त हे संत यहां,
हे धर्म संस्कृति का पाठ यहां
हे तप तपस्या का भाव यहां,
हे ज्ञान का दीप, सहानुभूति यहां,
हे भाईचारे जैसे संबंध यहां।
चाहे साल शताब्दी संवत बीते,
नहीं मिटा सके कोई धर्म यहां,
रग रग कण-कण में व्याप्त यहां
हे परमेश्वर का हे वास यहां।
इसे मिटा नहीं सकता कोई मिट गए
यहां मिटान...

