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बसंत पंचमी
कविता

बसंत पंचमी

सुषमा शुक्ला आबिदजान (अफ्रीका) ******************** पीताम्बर ओढ़े धरा आज मुस्काई है, आँगन-आँगन में बसंत की छवि छाई है। कोपलों की हँसी, पत्तों की हरियाली, ऋतुओं की रानी बन आई खुशहाली। वीणा की झंकार में सरस्वती आईं, ज्ञान, कला, वाणी को संग लाईं। अक्षर-अक्षर में दीपक सा उजियारा, अज्ञान तमस से जग को उबारा। सरसों के खेतों में सोना लहराए, भौंरे, तितलियाँ राग नए गुनगुनाएँ। मंद पवन की चंचल-सी तान, जीवन में भर दे नव आशा, नव प्राण। मन के आकाश में रंग घुले पीले, स्वप्न नए हों, संकल्प हों नुकीले। सृजन की धारा बहे अविराम, हर हृदय गाए बसंत का गान। बसंत पंचमी, नव आरंभ की बेला, श्रद्धा, सौंदर्य का मधुर मेला। ज्ञान-पथ पर बढ़ें, लेकर उजास, जीवन बने सुरभित, सार्थक, उल्लास। परिचय :- सुषमा शुक्ला जन्म : 25 अप्रैल निवास : आबिदजान (अफ्रीका) मूल निवासी : इंदौर (मध्य...
सात अधोलोक
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सात अधोलोक

सुषमा शुक्ला आबिदजान (अफ्रीका) ******************** हिंदू पुराणोंके अनुसार कुल मिलाकर सात अधोलोक हैं अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल। अतल की गहराइयों में इच्छाओं का वास है, जहाँ माया मुस्काती है, भोगों का प्रकाश है। वहाँ सत्य भी छल बन जाए, ऐसा उसका जाल, मनुष्य अपने ही मन में खो दे विवेक का हाल। वितल में वैभव रहता, स्वर्ण समान चमकता, लोभ की चकाचौंध में हर विवेक है भटकता। धन ही देव बन बैठा, कर्म हुआ है मौन, जहाँ सुख क्षणिक लगते हैं, शांति रहती कौन? सुतल वह तल है जहाँ बलि का शासन गाया, अहंकार को त्याग जहाँ विष्णु ने सिखलाया। दमन नहीं, मर्यादा है वहाँ का विधान, त्याग से ऊँचा होता है सच्चा इंसान। तलातल और महातल, भय और विष के धाम, असुरों की आकांक्षाएँ, अंधकार का नाम। क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष यहाँ साँसों में पलते, मानव मन के राक्षस भी यहीं आकर ढलते। ...
माता अहिल्या
कविता

माता अहिल्या

सुषमा शुक्ला इंदौर (मध्य प्रदेश) ******************** माता देवी अहिल्या मालव प्रांत की महारानी, न्याय की प्रतिमूर्ति और जीवनदायिनी प्रशासनिक मामलों में रुचि दिखाई और इतिहास में जगमगाई देवी अहिल्या ने युद्ध का नेतृत्व किया, वे साहसी योद्धा थी और तीरंदाज भी। हाथी की पीठ पर चढ़कर लड़ती थी, और प्रजा राज्य को सुरक्षित रखती थी रानी ने पवित्र महेश्वर में अहिल्या महल बनवाया, पवित्र नर्मदा के किनारे डेरा जमाया एक बुद्धिमान तीक्ष्ण सोच की शासक थी, जो प्रजा के हृदय में जीती थी इंदौर को समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाई न्याय की प्रतिमूर्ति बनकर सामने आई शत शत कोटि प्रणाम ऐसी माता को धन्य है ऐसी इंदौर की धाता को परिचय :- सुषमा शुक्ला जन्म : 25 अप्रैल निवास : आबिदजान (अफ्रीका) मूल निवासी : इंदौर (मध्य प्रदेश) शिक्षा : एमए राजनीति शास्त्र बरकतुल्लाह भोपाल...