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नूर गुलाबी ओढ़कर

होशियार सिंह यादव
महेंद्रगढ़ हरियाणा
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नूर गुलाबी ओढ़कर, प्रभु करे निवास,
मनोकामना पूर्ण हो, आये सबको रास,
उसकी कृपा से ही, आये जन को सांस,
उसके ही आधीन, बनकर उनका दास।

नूर गुलाबी ओढ़कर, करता है इंसाफ,
दोषी को सजा मिले, निर्दोष हो माफ,
उसके ही प्रताप से, करते सभी जाप,
पापी कितने ही हो, कर देता है साफ।

नूर गुलाबी ओढ़कर, जन को देता बल,
गरीब इंसान सदा, बन जाता है सबल,
हर समस्या का वो, करता पल में हल,
हर जगह मिलता है, वायु हो या जल।

नूर गुलाबी ओढ़कर, दिखलाता है रूप,
इज्जत मान बढ़ जाये, बेशक हो कुरूप,
पूजा सभी हैं करते, लेकर हाथ में धूप,
उसके ही आधीन है, रंक हो या भूप।

नूर गुलाबी ओढ़कर, भर दे मन में जोश,
उसकी लाठी जब पड़े, खो देता है होश,
जिसने नाम ना जपा, उसे है अफसोस,
अंतिम सत्य रूप में, ले लेता आगोश।

नूर गुलाबी ओढ़कर, बूझा देता है प्यास,
जहां भी देखो मिले, वो अपने ही पास,
उसके नाम के बिन, मन ही रहे उदास,
पाकर उस प्रभु को, भरे मन में उल्लास।

नूर गुलाबी ओढ़कर, कर देता उजाला,
साधु संत ज्ञानी जन, रटते उसकी माला,
अधिक बोले जो जन, लगे मुंह पे ताला,
रोष में जब वो आये, मिटे जो भी काला।

नूर गुलाबी ओढ़कर, करता मन में वास,
पाप बुराई का सदा, पल में करता नाश,
एक दिन दर्शन हो, मन की इच्छा काश,
शक्ति कैसी भी हो, बिखरे जैसे हो ताश।

नूर गुलाबी ओढ़कर, देता दर्शन वो संत,
पापी जितने भी हो, करता पल में अंत,
उसकी शक्ति मिलती, जीवन रूप अनंत,
पतझड़ वो लगता है, लौट आया बसंत।

नूर गुलाबी ओढ़कर, सुनाता है जग राग,
अनिष्ट देखकर उसे, जाते पल में ही भाग,
क्यों सोया है मानव, अब तो प्यारे जाग,
पापी को वो डस ले, बनके वो एक नाग।

नूर गुलाबी ओढ़कर, ईश्वर मिलता नाम,
गरीब अनाथ बेसहारा, करता सारे काम,
उसका अजब निराला होता है एक धाम,
वो चाहे तो कर देता, पल में ही वो शाम।।

परिचय :- होशियार सिंह यादव
जन्म : कनीना, जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा
पिता : स्व. श्री जयनारायण (कवि) एवं गोपालक देहांत १९८९
मां : स्व. मिश्री देवी गृहणि देहांत २०१६
निवासी : महेंद्रगढ़ हरियाणा
शिक्षा : पीएच. डी. (जारी) एम. एससी (बायो एवं आईटी), एम.ए. (हिंदी, अंग्रेजी एवं राजनीति शास्त्र), एमसीए, एम. एड., पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर, पी जी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एवं मास कम्यूनिकेशन, पी जी डिप्लोमा इन गांधियन स्टडिज, गोल्ड मेडलिस्ट पंजाब वि.वि.।
रचनाएं : अब तक विभिन्न विषयों पर २४ पुस्तकें प्रकाशित। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में शोधपत्र प्रकाशित, विभिन्न पत्र एवं पत्रिकाओं में कहानी, लेख, मुक्तक, क्षणिकाएं, प्रेरक प्रसंग, कविताएं प्रकाशित होती रहती हैं।
हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुमोदित पुस्तकों में : आवाज, बाल कहानियां, उपयोगी पेड़ पौधे, शिक्षा एक गहना
व्यवसाय : लेखक, पत्रकार एवं शिक्षण कार्य में श्रेष्ठता।
सम्मान : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा कहानी लेखन में प्रथम पुरस्कार सहित पांच दर्जन सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा सम्मानित। महेंद्रगढ़ न्यायाधीश द्वारा रजत पदक से सम्मानित। अरुंधती वशिष्ठ अनुंसधान पीठ द्वारा देशभर से आयोजित निबंध लेखन में एक्सीलेंस अवार्ड। हरियाणा के राज्यपाल से पुरस्कृत। तीन शोध भी प्रकाशित
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।


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