
ज्ञानेन्द्र पाण्डेय “अवधी-मधुरस”
अमेठी (उत्तर प्रदेश)
********************
(चामर छंद- (दीर्घ+लघु) ×७+१ दीर्घ – २ = १५ वर्ण, दो या चारों सम पदान्त, चार-चरण)
बाम अंग बैठ के उमा महेश संग में ।
चंद्रमा निहारतीं भरे बड़े उमंग में ।।
हैं गणेश कार्तिकेय नंदि पास में खड़े ।
सोहते सभी अतीव एक एक से बड़े ।।गंग लोरतीं कपार घूमतीं यहाँ-वहाँ ।
मुंडमाल क्षार देह है पुती कहाँ-कहाँ ।।
हैं अनंत हैं अनादि देव जे पुकारते ।
देव है बड़े महान दु:ख ते निवारते ।।रूद्र देव आदि देव धूम्र वर्ण धूर्जटी ।
विश्वरूप आयुताक्ष* भंग रात-द्यौ घुटी ।।
कामरूप सोमपा शिवा शिवा शिवा शिवा ।
शंकरा महेश्वरा अराधिए नवा शिरा ।।कंठ है पवित्र गंग केश में बहा करें ।
नृत्य तांडवा शिवा डमड्ड पे किया करें ।।
ग्रीव में भुजंग माल हार ज्यूँ झुला करे ।
तीन नेत्र अग्नि रूप माथ पे दहा करे ।।शंभु पूजिए अवश्य ना विरोध कीजिए ।
राग-द्वेष भूल के तनी भभूत लीजिए ।।
धूप-दीप बेलपत्र भाव ते चढ़ाइए ।
पाप जन्म-जन्म के छिना महीं मिटाइए ।।भक्ति भाव से जही जपे हरे-हरे ।
काटते महेश ताहि बंधना नहीं डरे ।।
मार्ग अन्य ना दिखे यही सही सुझाव है ।
भ्रम ना रहे हिया यही सही बुझाव है ।।शीघ्र हों प्रसन्न शंभु दें वराँ न सोचते ।
आदि-अंत क्या फले इसे प्रभू न जोहते ।।
हानि-लाभ का हिसाब ध्यान ना धरें कभी ।
जो दिखे तपास* में उसे निबाह दें जभी ।।आयुताक्ष- सहस्र आँख वाला, तपास– तपस्या में लीन
परिचय :- ज्ञानेन्द्र पाण्डेय “अवधी-मधुरस”
निवासी : अमेठी (उत्तर प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻
आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा अवश्य कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉 hindi rakshak manch 👈… राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻.






