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सर्वदर्शी

डॉ. राजीव डोगरा “विमल”
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
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किताबों के बाद
इंसानों को पढ़ने का
शौक पैदा हुआ,
इतना पढ़ा
कि वो भी पढ़ लिया
जो कभी
नहीं पढ़ना चाहिए था
उनके अंतर्मन का।

तुमको देखने के बाद
इंसानों को देखने का
शौक पैदा हुआ,
इतना देखा
कि वो भी देख लिया
जो वो
छुपाना चाहते थे
सदा दुनिया से।

परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा “विमल”
निवासी – कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
सम्प्रति – भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।



 

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