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शाश्वत प्रेम

डॉ. राजीव डोगरा “विमल”
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
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तुम वो फूल हो
जिसको मैं बिना स्पर्श के
खिलता हुआ
और महकता हुआ
देखना चाहता हूं।

तुम मेरी वो
अधूरी ख्वाहिश हो
जिसके पूरे होने का
इंतजार मैंने कई
युगों तक किया है।

तुम मेरे जीवन का
वो अंतिम अध्याय हो
जिसके पूरा होने पर
शाश्वत आनंद
मुझे स्पर्श कर जाएगा।

परिचय :-  डॉ. राजीव डोगरा “विमल”
निवासी – कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
सम्प्रति – भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।

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