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पत्नी और वाय-फॉय

बाल कृष्ण मिश्रा
रोहिणी (दिल्ली)
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घर में आते ही ऐसा
जाल बिछाती है,
अच्छे-भले जीवन का
डेटा खा जाती है।

मुफ़्त का हॉटस्पॉट
समझकर पास आए थे,
उम्र भर “अनलिमिटेड प्लान”
का बिल चुकाते हैं।

रेंज में रहो तो पूछताछ
सुबह-शाम होती है,
रेंज से बाहर जाओ तो
इमरजेंसी एलान होती है।

चैट दोस्तों से करो, तो
इसके पास तुरंत ‘OTP’ जाता है,
आधी रात को भी पति का
‘बायोमेट्रिक अंगूठा’ लग जाता है।

सोचा था ‘Incognito Mode’ में
जाकर ज़रा चैन से जिएँगे,
ये वो डेंजरस हैकर है जो डिलीटेड
चैट भी स्क्रीनशॉट बनाकर लाता है!

हर कॉल, हर मैसेज का
ऑडिट हो जाता है,
घर का ड्रॉइंग रूम ही
जाँच आयोग बन जाता है।

इसकी मेमोरी ऐसी कि
दुनिया दंग रह जाए,
दस साल पुरानी गलती भी
तारीख़ सहित याद आ जाए।

मोबाइल पर मुस्कुराओ तो
केस नया बन जाता है,
“इतनी खुशी किस बात की?”
प्रश्नों का दौर आ जाता है।

साले की शादी का फ़ंक्शन हो तो
इसकी स्पीड ‘5G’ से तेज़ है,
पति बीमार हो तो कहती-‘सर्वर डाउन’ है,
खुद बना लो जो परहेज़ है!

शॉपिंग कार्ट में सामान डालते ही
‘क्लिक-टू-पे’ एक्टिवेट हो जाता है,
और पति की सैलरी का मैसेज आते ही
बैलेंस ‘ऑटो-डेबिट’ हो जाता है!

पति के सारे पुराने तर्क
अपने-आप डिलीट हो जाते हैं।
ज़रा सा पलटकर जवाब दो तो
‘Error 404’ आ जाता है,

ससुराल वालों का नंबर इसने
‘ब्लैकलिस्ट’ में डाल रखा है,
और खुद के भाई को पूरे घर का
‘प्राइमरी यूजर’ बना रखा है!

डेटा नहीं, ये तो चैन और
सुकून खा जाती है,
छोटी-सी बात को राष्ट्रीय
बहस बना जाती है।

मूड इसका मौसम विभाग
भी न समझ पाए,
धूप में भी बादल गरजें,
कोई कारण न बतलाए।

डेटा ख़त्म, अब बस
शोर-शराबा है,
ये रिश्ता नहीं,
नेटवर्क का अजूबा है।

पत्नी चाहे वाई-फाई जैसी हो,
या वाई-फाई पत्नी जैसा…
पास रहे तो शिकायत,
दूर हो जाए तो घबराहट!

सिग्नल फुल हों तो बहस,
सिग्नल गायब हों तो बेचैनी!

भले ही ये ‘डेटा’ और
‘चैन’ दोनों उड़ाती है,
पर सच तो ये है जनाब,
यही घर को ‘स्मार्ट होम’ बनाती है।

इसके बिना तो घर का पूरा
सिस्टम ही ‘क्रैश’ हो जाए,
ये न हो तो जिंदगी ‘नो इंटरनेट’
का डायनासोर बन जाए!

परिचय :- बाल कृष्ण मिश्रा
निवासी : रोहिणी, (दिल्ली)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।

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