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बारिश की आहट

होशियार सिंह यादव
महेंद्रगढ़ हरियाणा

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नभ पर काली घटा छाई,
बादल गरज रहे घनघोर,
देख -देख नभ की घटा,
नृत्य कर रहे वन में मोर।

द्युति से चमक रहा नभ,
टप टप बूंदों का है शोर,
दादुर जल में टेर लगाते,
टिड्डे कर रहे मन विभोर।

कहीं काले, कहीं नीले,
कहीं लोग करे भागदौड़,
कोई हँसता खिलखिला,
भरेंगे अब तड़ाग,जोहड़।

रेगिस्तान में उठी मतंग,
मतंग ऋषि के नाम पर,
बरसेंगी वो रेगिस्तान में,
फिर बारिश हो घर घर।

किसान हुये अब प्रसन्न,
भीगा उनका तन व मन,
खुशगवार होगा मौसम,
सावन गया, है अगहन।

बारिश की अब आहट,
चकौर की बढ़ी चाहत,
सूरज डूबा बादल ओट,
गर्मी हटे मिलेगी राहत।

चकवा चकवी मन हँसे,
सीप के मुंह, बने मोती,
किसानों ने ली है राहत,
अब मिलेगी खूब रोटी।

लहलहाएगी ये फसल,
अनाज कमी मिले हल,
टकटकी लगा देख रहे,
ताक रहे नभ पल पल।

तरुवर पर आयेगी बहार,
चित चोरों की बढ़े प्यास,
होगी जमकर अब बारिश,
मौसम आयेगा फिर रास।

इंद्रदेव लगते अब प्रसन्न,
हर्षित करते बादल मन,
चलेगी ठंडी-ठंडी पवन,
भीगेगा फिर घर आंगन।

बरसात में खेलेंगे बच्चे,
हर मन को कर दे खुश,
किसान चले उठा हल,
बढ़ गई है चाहत सुख।

डूब रही विरह अग्रि में,
नवेली पिया गये विदेश,
झूला झूल रही अकेली,
यादें अब प्रियतम शेष।

प्रेमिका युगल छुप रहे,
आंखों से ही करते बात,
नींद ना आएगी रात को,
कैसे मिले प्रियतमा साथ।

आते रहेंगे यूं ही बादल,
बीत जाएंगे दिन व रात,
कितने आये चले गये हैं,
कुछ छोड़ जाएंगे साथ।

लो बादल, बरसों खूब,
अमृत की करो बरसात,
मन में भर दो वो उमंग,
काम के लिए बढ़े हाथ।।

परिचय :- होशियार सिंह यादव
जन्म : कनीना, जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा
पिता : स्व. श्री जयनारायण (कवि) एवं गोपालक देहांत १९८९
मां : स्व. मिश्री देवी गृहणि देहांत २०१६
निवासी : महेंद्रगढ़ हरियाणा
शिक्षा : पीएच. डी. (जारी) एम. एससी (बायो एवं आईटी), एम.ए. (हिंदी, अंग्रेजी एवं राजनीति शास्त्र), एमसीए, एम. एड., पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर, पी जी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एवं मास कम्यूनिकेशन, पी जी डिप्लोमा इन गांधियन स्टडिज, गोल्ड मेडलिस्ट पंजाब वि.वि.।
रचनाएं : अब तक विभिन्न विषयों पर २४ पुस्तकें प्रकाशित। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में शोधपत्र प्रकाशित, विभिन्न पत्र एवं पत्रिकाओं में कहानी, लेख, मुक्तक, क्षणिकाएं, प्रेरक प्रसंग, कविताएं प्रकाशित होती रहती हैं।
हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुमोदित पुस्तकों में : आवाज, बाल कहानियां, उपयोगी पेड़ पौधे, शिक्षा एक गहना
व्यवसाय : लेखक, पत्रकार एवं शिक्षण कार्य में श्रेष्ठता।
सम्मान : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा कहानी लेखन में प्रथम पुरस्कार सहित पांच दर्जन सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा सम्मानित। महेंद्रगढ़ न्यायाधीश द्वारा रजत पदक से सम्मानित। अरुंधती वशिष्ठ अनुंसधान पीठ द्वारा देशभर से आयोजित निबंध लेखन में एक्सीलेंस अवार्ड। हरियाणा के राज्यपाल से पुरस्कृत। तीन शोध भी प्रकाशित
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।


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