
राम रतन श्रीवास
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
********************
शिक्षक या गुरु के ओ ज्ञान लिखूंँ,
गागर में सागर के ओ बात लिखूँ।
जीवन में हर सोपान बहुत ,
ज्ञान के अजस्त्र प्रकाश लिखूँ ।।
गुरु के ओ ज्ञान लिखूंँ….हर शब्द में ताप के विवेक लिखूँ,
सामान्य विषय के संवाद लिखूँ।
जीवन में गणित के विभाग रहे,
या जीव उत्पत्ति के सार लिखूँ।।
गुरु के ओ ज्ञान लिखूंँ….प्रिज्म के ओ सब रश्मि लिखूँ ,
पदार्थ तत्व में गुरु के ज्ञान लिखूँ।
इस जहांँ में भूगोल के भाग रहे,
इतिहास के ओ विशेषज्ञ लिखूँ।।
गुरु के ओ ज्ञान लिखूंँ….नागरिकता में उनके प्रतिभा लिखूँ,
राजनीति के ओ आख्यान लिखूँ ।
अंतस के हर बसंत शाख में,
गुरु बिन ज्ञान कैसे सौभाग्य लिखूँ।।
गुरु के ओ ज्ञान लिखूंँ….ललित कलित हर बात लिखूँ,
हर खेल के हर दांव लिखूँ।
नयन के बदले हर भाव बहुत,
गुरु के नेह भरे स्वभाव लिखूँ।।
गुरु के ओ ज्ञान लिखूंँ….गुरु के राष्ट्र निर्माण लिखूँ,
अभिमान रहित के मान लिखूँ।
श्वेत हंस सम श्वेत कांति में,
सुंदर सृजन के व्याख्यान लिखूँ।।
गुरु के ओ ज्ञान लिखूंँ….माँ भारती के आशिष लिखूँ,
या निर्गुण ब्रम्हा के ज्ञान लिखूँ।
सामर्थ्य नहीं ए राम के लेखन में,
गुरु को कोटि कोटि प्रणाम लिखूँ ।।
गुरु के ओ ज्ञान लिखूंँ….
निवासी : बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
साहित्य क्षेत्र : कन्नौजिया श्रीवास समाज साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष
सम्मान : कोरबा मितान सम्मान २०२१ (समाजिक चेतना एवं सद्भाव के क्षेत्र में)
शिक्षा : हिन्दी साहित्य (स्नातकोत्तर)
अतिरिक्त : रेल परिवहन एवं प्रबंधन में डिप्लोमा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻
आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा अवश्य कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉 hindi rakshak manch 👈… राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…..🙏🏻.



















