Sunday, February 8राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

सतरंगी दुनिया- १७

डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
********************

आपका भव्य महल हो या छोटी-सी झोपड़ी, घर उसी को कहते हैं जहां शांति और सुकून मिले। *यदि आप खुश रहना चाहते हैं तो दूसरों के जीवन में अपनी जगह ढूंढना बंद कर दो।* हमें अपनी ज़िंदगी का आनंद अपने तरीके से लेना चाहिए, लोगों की खुशी के चक्कर में तो शेर को भी सर्कस में नाचना पड़ता है। स्टेटस ज़िंदगी का हो या मोबाईल का, स्टेटस ऐसा रखें कि लोग कॉपी करने पर मजबूर हो जाएँ। जब बुरा करने के बाद भी बुरा ना लगे तो समझना चाहिए कि बुराई अब हमारे चरित्र में आ गई है। आज तो मेरा तकिया और बिस्तर भी बोल पड़ा, “मालिक थोड़ा उठकर बैठ जाओ या छत पर घूम लो, हमें भी थोड़ा साँस लेने दो।
एक नगर सेठ के यहाँ इन्कमटैक्स का छापा पड़ा। सारे खातों की जांच हुई। एक जगह सेठ ने लिख रखा था कि पाँच लाख की जलेबियाँ कुत्तों को खिलाई। इन्कम टैक्स वालों ने इस खर्च के लिए बिल की मांग की। सेठ जी ने कहा- इसका कोई बिल नहीं है। तो इसको रफा-दफा रने के लिए इन्कम टैक्स वालों ने २५ हजार ₹ की मांग की। सेठ जी ने अपने मुनीम से कहा, इनको २५ हजार दे दो और इसको इनके कुत्तों की जलेबी वाले खाते में लिख लो। *व्यक्ति को हमेशा नमक की तरह होना चाहिए, महंगा नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण।* आप अपने माता-पिता का ऑफलाइन सम्मान कीजिए, ऑनलाइन नहीं क्योंकि आप पैदा हुए हैं, डाउनलोड नहीं। *अजीब बात है अमीर आद‌मी गुस्सा करता है तो लोग कहते हैं- साहब को लो बी.पी. हो गया है और जब गरीब आदमी गुस्सा करता है तो कहते हैं इसका दिमाग खराब हो गया है।*
डॉक्टर ने मरीज को आपरेशन का, ८ लाख रूपए खर्च बताया तो मरीज ने मना कर दिया। डॉक्टर ने बोला, मैं तुमको सुविधा देता हूँ। तुम आज २ लाख ₹ जमा करो, बाकी हर महीने २० हजार ₹ की किश्त दे देना। तब मरीज बोला, ये तो ऐसा हो गया-जैसे मैं कोई कार ले रहा हूँ। डॉक्टर बोला, कह तो सही रहे हो, लेकिन कार तुम नहीं, बल्कि मैं ले रहा हूँ।
यदि मैं शादी के लिए बैंक से लोन लेता हूँ, और चुका नहीं पाता हूँ तो, ऐसी स्थिति में बैंक वाले मेरी पत्नी को जब्त कर ले जाएँगे ? इस सवाल का जवाब मैं ढूंढ रहा हूँ। *अगर आप चाहते हैं कि सब लोग आपको अच्छा कहें तो आप अपना नाम ही ‘अच्छा’ रख ले। दूसरा कोई रास्ता नहीं है।* पिता ने बेटे से पूछा- रिमोट कहाँ है ? बेटा बेचारा माँ की तरफ देखने लगा तो पिता बोला-अबे मेरा नहीं, टी.वी. का पूछ रहा हूँ। लोग कहते हैं कि ज़िंदगी एक बार मिलती है। यह बिल्कुल गलत है। ज़िंदगी हर रोज मिलती है परन्तु मौत एक बार मिलती है।
*पुराने जमाने की औरतें राज़ सीने में लेकर मर जाती थी और आज की औरत तो स्टेटस लगा कर पूरी दुनिया को बताती है।* शीशा और रिश्ता दोनों ही नाजुक होते हैं। दोनों में सिर्फ एक ही फर्क होता है। शीशा गलती से टूट जाता है और रिश्ता गलतफहमियों से। यदि कोई व्यक्ति आपको उकसा रहा है तो उस पर आप प्रतिक्रिया मत दीजिए, क्योंकि नकारात्मक लोगों को खुश रखना हमारी जिम्मेदारी नहीं है। प्राइमरी स्कूल में मैडम जी गहरी नींद में सो रही थी, तभी कलेक्टर साहब आ गए। मैडम जी पकड़ी गयी। बहुत देर तक उठाने के बाद नींद‌ खुली। नींद खुलते ही सामने कलेक्टर को देखते हुए बोली,- तो बच्चों आप समझ गए ना, कुंभकरण ऐसे ही सोता था। अब कलेक्टर साहब बेहोश। ट्रकों के पीछे बहुत-सी आकर्षक बातें लिखी होती हैं। आज मैंने एक ट्रक के पीछे लिखा देखा, ‘मैं खूबसूरत हूँ, मुझे नजर मत लगाना, ज़िंदगी भर साथ दूंगी, पीकर मत चलाना। इस समय हवाई जहाज की दुर्घटनाएं बहुत हो रही है-
हवाई हादसों का दौर जारी है,
सम्भल के चलिए, पता नहीं अब किसकी बारी है ?

परिचय : डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
निवासी : चिनार-२ ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है।


प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना, कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ
प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें
hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *