
डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
********************
भगवान ने हथेली के आगे अंगुलियाँ इसलिए बनाई है कि पहले आप कर्म करें, फिर भाग्य को महत्व दें। बिना कर्म के आपका अच्छा भाग्य नहीं बन सकता है। इंसान कितना भी गोरा क्यों न हो, परन्तु उसकी परछाई काली ही होती है। *मरने के बाद अर्थी को चार लोग कंधा देते हैं, अर्थात सहारा देते हैं। अगर इन चारों में से किसी एक ने जिन्दा रहते हुए उस व्यक्ति को सहारा दिया होता तो शायद मरने की नौबत नहीं आती।* एक बात गाँठ बांधकर रखिए- ज़िंदगी की दौड़ में जो आपको दौड़ कर नहीं हरा सकते, वे आपको तोड़ कर हराने की कोशिश जरूर करते हैं।
उम्र के इस दौर में मैं क्या ‘वैलेन्टाईन डे’ मनाऊँगा, क्योंकि अब ‘टेडी बियर’ भी ‘ठंडी बियर’ सुनाई देता है। ज़िंदगी का यह कड़वा सत्य है कि हम पहला स्नान भी स्वयं नहीं कर पाते हैं और अंतिम स्नान भी हमें दूसरे लोग कराते हैं। ज़िंदगी में तूफान का आना जरूरी है, तभी तो पता चलता है, कि कौन हमारा हाथ पकड़ता है और कौन साथ छोड़ता है। बड़े नोट और बड़े लोग कभी भी बदल सकते हैं, इसलिए छोटे नोट और छोटे लोगों से रिश्ता मजबूत रखें, ताकि बाद में पछताना ना पड़े। *जिस गलती से हम कुछ सीख नहीं पाते, वो जीवन की सबसे बड़ी गलती है।* दामाद को सीधा ‘बैल’ नहीं बोल सकते हैं, इसलिए ससुराल वाले अपनी बेटी को ही ‘गाय’ बोल देते हैं।
*एक मुर्गी ने बतख से शादी कर ली तो मुर्गे ने उससे पूछा- क्या हम मर गए थे, जो तुमने बतख से शादी की? मुर्गी ने जवाब दिया,-मैं तो तुम्हीं से शादी करना चाहती थी, मगर मेरे पापा चाहते थे कि लड़का नेवी में हो।* अदालत में गीता की कसम की जगह यदि गवाह को शराब के २-4 पैग पिलाए जाएं तो सच के बाहर आने की ज्यादा संभावना रहती है। जब पहली बार इंसान ने मछली का शिकार किया मछली ने उसे श्राप दिया कि, हमेशा तुम नेट में ही रहोगे। देखिए, अब मछली का श्राप सच हो गया है। दवा की पर्ची में लिखा इंजेक्शन मरीज नहीं लाया तो डॉक्टर ने कारण पूछा, तो मरीज ने बताया कि शनिवार को सुई नहीं खरीदते हैं, वरना शनिदेव नाराज हो जाते हैं। तभी डॉक्टर ने कहा, -ले आओ, वरना यमराज नाराज हो जाएंगे। पहले राबड़ी देवी मुख्यमंत्री बनी, फिर एक चाय वाला प्रधानमंत्री बना, फिर पनीर सेल्वम मुख्यमंत्री बने। माँ सच कहती थी, कि दूध में बहुत ताकत होती है।
जिनके साथ बात करने से ही खुशी दोगुनी हो और दुःख आधा हो जाए, वो ही अपना है; बाकी तो सब दुनिया है।
*मैंने वन विभाग में पूछा- मेरे घर में भी एक शेरनी है, उस पर आप कार्यवाही कर सकते हैं क्या? उन्होंने उत्तर दिया- आपने उसको घर में लाने से पहले वन विभाग से परमिशन ली थी क्या?*
रिश्ता चाहे कोई भी हो, हीरे की तरह होना चाहिए। दिखने में छोटा हो, परन्तु अनमोल। ‘वैलेन्टाईन-डे’ का माहौल चल रहा है, मन का अर्जुन कहता है मैं वैलेन्टाइन-डे मनाऊंगा, पर तन का कृष्ण कहता है- मटर-पनीर के चक्कर में दाल-रोटी से भी जाएगा। सब कुछ सीखना ही ज्ञान नहीं है, बहुत कुछ नजर अंदाज करना भी ज्ञान है। *मोबाईल में बैलेंस डलवाते-डलवाते अब आँखों में २ लैंस उतरवाने की बारी आ गयी है?*
चुनाव के बाद नेता बदल जाते हैं और शादी के बाद बीवी कैसे बदल जाती है, देखिए- पहले साल- मैंने कहा जी खाना खा लीजिए, आपने बहुत देर से कुछ नहीं खाया है। दूसरे साल-खाना तैयार है, लगा दूँ? तीसरे साल-खाना बन चुका है, जब खाना हो, तब बता देना। चौथे साल- मैं बाजार जा रही हूँ। खाना बना कर रख दिया है, खुद ही निकालकर खा लेना। पाँचवे साल- सुनते हो, आज मुझसे खाना नहीं बनेगा- होटल से ले आओ। छठे साल- जब देखो खाना और खाना, अभी थोड़ी देर पहले तो खाया था, और कोई काम नहीं है क्या!
*इंटरव्यू में प्रश्न पूछा गया- बताइए, वो कौन-सी औरत है, जिसको १०० प्रतिशत पता होता है कि उसका पति कहाँ है? लड़के ने शानदार उत्तर दिया- विधवा औरत।*
जीने के लिए केवल आज ही है,
आने वाला कल तो एक सपना है।
परिचय : डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
निवासी : चिनार-२ ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है।
कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻









