Sunday, August 16राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

पवित्र होती नदियां

ललित शर्मा
खलिहामारी, डिब्रूगढ़ (असम)
********************

नदियों में छोटी बड़ी नदियाँ
पवित्र कहलाती ये नदियाँ
आस्थाभक्ति की आत्मानदियाँ
तृप्तकराती मानव को, नदियाँ।।

नदियों में पवित्र, गंगा महानदी
शिव की जटा से, बही गंगा नदी
करते स्नान ध्यान, करते आचमन
श्रद्धालु करते पूजा, मिलता शगुन।।

मित्र श्रद्धालु भक्त बन्धु सह परिवार
डुबकी लगाने को, सब रहते तैयार
बहती गंगा की, जहाँ तेज जलधार
आत्मसन्तुष्टि करातीगंगा, बून्द धार।।

हर हर गंगे से गूँजता, गंगा का धाम
गंगा नदी बही जहाँ, वही पुण्य धाम
उमड़ता है बेसुमार, भक्तों का रैला
भक्तिभावना में उमड़ता, गंगा मेला।।

पिंडदान से,साही करते गंगा स्नान
परम्परा में गंगा की पूजा होता ध्यान
सगुन शान्ति में मिलती गंगा के धाम
गंगा आरती गंगा स्तुति करते प्रणाम।।

गंगा नदी बनी एक विकास का धाम
गंगा एक पुण्य पवित्र मिलन स्थान
भक्त पर्यटक साधु संत पाते आराम
गंगा बार बार बुलाती आओ गंगाधाम।।

परिचय :- ललित शर्मा
निवासी : खलिहामारी, डिब्रूगढ़ (असम)
संप्रति : वरिष्ठ पत्रकार व लेखक
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *