
छत्र छाजेड़ “फक्कड़”
आनंद विहार (दिल्ली)
********************
बाजार में घूम रहा था
नजर ठहर गई
बड़े से शोरूम पर
सजे थे
मनमोहन, लुभावने
एक से एक सुंदर मुखौटे
बच्चों के,बड़ों के
जानवरों के, इन्सानो के
मन को लुभाते
रंग रंगीले आकर्षक मुखौटे
मन करा
मैं भी ले लूँ एक मुखौटा
प्रश्न
खरीदूँ कौन सा मुखौटा
मै ठहरा निपट अनाड़ी
पूछा दुकान वाले से
भैया बतलाओ
सबसे अधिक बिकने वाला
मुखौटा कौन सा है..?
उत्तर आया तत्काल
भाई, इतना भी नहीं जानते
सबसे अधिक बिकता है
भगवान श्री राम का मुखौटा
फेल हो गया गणित मेरा
दशानन तो रावण है
फिर कैसे बिकते हैं
राम के उलझन सुलझायी
स्वयं समझदार दुकानदार ने
लगता है पढे लिखे हो
पर इतना भी नहीं जानते मित्र
रावण के तो पुतले जलते हैं
मुझे पढा लिखा समझ
पहले अचकचाया
शर्म छोड़ फिर खोल समझाया
क्या नहीं जानते तुम
बड़ा शातिर है ये रावण
हर क्षेत्र में, हर जगह
न जाने किस रूप में
मौजूद है रावण
चुपके से यही रावण
स्वयं जल जाता है रावण
मरा ही कब रावण
बस पुतले जलते हैं
जीवित निर्भीक घूम रहा है
हमारे बीच
भांति भांति के रूप में रावण
बस पहचाना नही जाता
क्योंकि ओढे रखता है
मुखौटा राम का
इसीलिए बिकते हैं
मुखौटे राम के अधिक…
फिर सोचा… मुझे क्या
खुश हो जायेंगे बच्चे
ले चलूं मैं भी एक मुखौटा..!!
परिचय :- छत्र छाजेड़ “फक्कड़”
निवासी : आनंद विहार, दिल्ली
विशेष रूचि : व्यंग्य लेखन, हिन्दी व राजस्थानी में पद्य व गद्य दोनों विधा में लेखन, अब तक पंद्रह पुस्तकों का प्रकाशन, पांच अनुवाद हिंदी से राजस्थानी में प्रकाशित, राजस्थान साहित्य अकादमी (राजस्थान सरकार) द्वारा, पत्र पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में नियमित प्रकाशन, राजस्थानी लोक गीतों के लिए प्रसिद्ध कंपनी “वीणा कैसेटस” के दो एलबमों में सात गीत संगीतबद्ध हुये हैं।
सम्मान : “राजस्थानी आगीवान” सम्मान से सम्मानित
श्री गंगानगर के सृजन साहित्य संस्थान का सृजन साहित्य सम्मान व
सरदारशहर गौरव (साहित्य) सम्मान व अनेक अन्य सम्मानरा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
कृपया लिंक को खोलकर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻
