मनमानी
मनोरमा संजय रतले
दमोह (मध्य प्रदेश)
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कैसा समय आ गया
अब कोई,
किसी की ना सुनेगा..।
मनमानी करेगा
अरे.....अरे..
ये कोई में ...
माँ बाप भी शामिल है
इस बात पे विचार करो
चौथी पाँचवी के बच्चे
माँ बाप को धमका रहे
आप ने हमसे जिद्द की
हम घर छोडकर चले जायेगे
अब आप ही बताये
ऐसे बच्चे समाज के
क्या काम आयेगे..
इन्हें तो ना सुनने की
आदत ही नहीं
चाहे वो माँ बाप से
चाहे आफिस में
चाहे रिश्तेदार से...
सोचिये...ये फिर कैसे शादी
कर पायेगे..
एक दूसरे से
सामंजस्य बनाना ही नहीं चाहते
कैसे रिश्ते टिकेगे..
इसलिये ये
लिव इन रिलेशनशिप चल रहा
फल फूल रहा
इस रिश्ते को हिन्दी मे क्या कहे..
सोच के भी शर्म आती है
आज बेटो बेटी को
विवाह तो नहीं करना
पर विवाह के बाद का सुख चाहिए
बच्चे चाहिए...
आज के युवाओ के लिये
बालीवुड ही आदर्श बना है
तभी तो माँ बाप मुँह ...





















