नववर्ष
रामसाय श्रीवास "राम"
किरारी बाराद्वार (छत्तीसगढ़)
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मनहरण घनाक्षरी
शुभ नववर्ष आया,
संग में खुशी हैं लाया,
सभी देशवासी मिल,
इसको मनाइए।
बीत गया है जो साल,
कर गया वो कमाल,
उससे लेकर सीख,
जीवन सॅंवारिए।।
तेज गति हो विकास,
मन में है यही आस,
सारे जग में भारत,
को आगे बढ़ाइए।
दुखियों के पीर हरें,
काम सब शुभ करें,
*राम*एक दूसरे को,
गले से लगाइए।।
परिचय :- रामसाय श्रीवास "राम"
निवासी : किरारी बाराद्वार, त.- सक्ती, जिला- जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़)
रूचि : गीत, कविता इत्यादि लेखन
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानिय...
























