मुझे तुमसे इतनी फ़क़त है शिकायत
अब्दुल हमीद इदरीसी
मीरपुर, कैण्ट, (कानपुर)
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मुझे तुमसे इतनी फ़क़त है शिकायत।
न भरपूर मुझको मिली तुमसे उल्फ़त।
है बाक़ी अभी देखना हमको हमदम,
कहाँ जा रुकेगी ये नाक़िस सियासत।
वो करते रहे हैं वो करते रहेंगे,
है हासिल उन्हें बस इसी में महारत।
नहीं बाल बाँका कोई कर सकेगा,
रहेगी जो यकजा बड़ी इक जमाअत।
लड़ा दुश्मनों से हमीद उस घड़ी तक,
रही जब तलक तन बदन में हरारत।
परिचय :- अब्दुल हमीद इदरीसी
निवास - मीरपुर, कैण्ट, (कानपुर)
साहित्यिक नाम : हमीद कानपुरी
घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है।
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