अटल व्यक्तित्व के धनी “अटल”
डॉ. अर्चना राठौर "रचना"
झाबुआ (मध्य प्रदेश)
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अटल रहा हर लक्ष्य जिनका अटल थे सब इरादे,
कथनी करनी एक थी जिनकी, सभी निभाये वादे
वाणी की प्रखरता करती मानव मन को झंकृत
अलंकृत कर भारत रत्न से राष्ट्र हुआ है उपकृत।
राजनीतिक षड्यंत्रों सेे थे दूर रहते वे सदा,
बोलने से पहले थे, सौ बार वे सोचते सदा।
कवि थे निराले, कभी भावुक हो जाता था मन,
सीधे- सादे शब्दों में वे खोल देते थे अपना मन।
देश के मुखिया थे हमारे, अटल थे जिनके इरादे
भारत मां के लिये जियेे, थे सेवा में प्राण त्यागे।
परिचय :- डॉ. अर्चना राठौर "रचना" (अधिवक्ता)
निवासी : झाबुआ, (मध्य प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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