हमें समझना है
पवन सिंह पंवार
नसरूल्लागंज (मध्य प्रदेश)
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अब तो हमें समझना है,
प्राण वायु के लिये कुछ करना है,
जो कटने जा रहा है बकस्वाह जंगल,
उसको हम सब को रोकना है।
पर यह सब कैसे करना है,
प्रश्न तो यह मन में उठना है,
जैसे चला था वो चिपको आंदोलन,
बस वैसा ही तो करना है।
किसी एक तो बहुगुणा बनना है,
फिर सब को एकजुट करना है,
और इस तरह सामूहिक प्रयास से,
इसे खत्म होने से रोकना है।
पर प्रयास यहाँ तक ही
सीमित नहीं रखना है,
हमें इससे आगे भी काम करना है,
क्यों कुर्बान कर दिये जाते हैं
लाखों जीव जंतुओं के आश्रय स्थल,
इस पर भी विचार करना है।
हमें विकास का माॅडल बदलना
सिर्फ मानव जाति पर
ही फोकस नहीं करना है
हो सके सभी का संतुलित विकास
ऐसी रणनीति पर काम करना है।
यह धरती है सभी जीव जंतुओं की भी,
अतः सभी का ध्यान रखना है।
यह धरती है सभी जीव जंतुओं की भी,
अत...

























