पाती प्रतीक्षा की
रश्मि लता मिश्रा
बिलासपुर (मध्य प्रदेश)
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जब-जब आती प्रीत की पाती
मन कुमुदिनी खिल-खिल जाती।
राह तकते सोचे आँखियाँ
पढ़ेंगे कब प्रीतम की बतियां
बातें प्रिय की बहुत सुहातीं
जब जब आती प्रीत की पाती।
दिन गिनते दिन बीतते जाते
डाकिए को बारंबार बुलाते
देख लो कहीं छोड़ ना आए
तुम मेरे ही प्रिय की पाती
जब जब आती प्रीत के पाती।
लिखते तुमसे प्यार हैं करते
याद तुम्हे हर-बार हैं करते
आएंगे मिलने भी जल्दी हम
कट जायेगी बिरह की राती
जब-जब आती प्रीत की पाती
मन कुमुदिनी खिल-खिल जाती
जब-जब आती प्रीत की पाती
परिचय :- रश्मि लता मिश्रा
निवासी : बिलासपुर (मध्य प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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