नव बना रहे हिंदुस्तान
डॉ. निरुपमा नागर
इंदौर (मध्यप्रदेश)
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संवत् विक्रम करते हैं तुमको नमन
आनंद बन लाए नव चितवन
है तुमसे नवागत गुड़ी पड़वा
चैत्र नवरात्र का है जलवा
बैसाखी करती मन पुरवा
राजीव लोचन आए पलना
झूलेलाल की झांकी महान्
नवरोज की भी रखते शान
आम्रफल से सज गया उद्यान
देखो, नव पल्लव, नव धान
वसुधैव कुटुंबकम् की तुम पहचान
नव निधि साथ लिए नव बना रहे हिंदुस्तान
https://youtu.be/0GKyIN1ETfA
परिचय :- डॉ. निरुपमा नागर
निवास : इंदौर (मध्यप्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
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