बेटियाँ
मनीषा जोशी
खोपोली (महाराष्ट्र)
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ईश्वर की सौगात,
खुशियों की बरसात हैं बेटियाँ।
आँगन की चिड़ियाँ,
पापा की गुड़िया हैं बेटियाँ।
हर घर की खुशहाली,
आंगन की हरियाली हैं बेटियाँ।
तारों की शीतल छाँव,
दिल का लगाव हैं बेटियाँ।
फूलों की सुन्दर क्यारी,
सबसे प्यारी न्यारी है बेटियाँ।
समुद्र सी विशाल,
गंगा सी निर्मल हैं बेटियाँ।
औैस की बूँद सी,
शंख की गूंज सी हैं बेटियाँ।
घर की न्यारी रौनक,
खुशियों की दौलत है बेटियाँ।
अपने पापा की जान,
माँ की पहचान होती हैं बेटियां।
परिचय : मनीषा जोशी
निवासी : खोपोली (महाराष्ट्र)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
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