जन्मभूमि
कुमार जितेन्द्र
बाड़मेर (राजस्थान)
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जन्मभूमि श्रेष्ठ है कर्मभूमि से ।
जन्मभूमि सर्वश्रेष्ठ है स्वर्ग से ।।
माँ के गर्भ में कदम ताल से ।
जन्मभूमि का एहसास हुआ ।।
जन्मभूमि पर कदम बढ़ाए ।
जननी जन्मभूमि मुस्कुराए ।।
जन्मभूमि श्रेष्ठ है कर्मभूमि से ।
जन्मभूमि सर्वश्रेष्ठ है स्वर्ग से ।।
कैसे भूल जाऊ जन्मभूमि ।
जन्मभूमि पर पला बढ़ा ।।
जन्मभूमि तुम्हें देखकर।
यादें सजी सपने साकार ।।
जन्मभूमि श्रेष्ठ है कर्मभूमि से ।
जन्मभूमि सर्वश्रेष्ठ है स्वर्ग से ।।
जिंदगी की भाग दौड़ में ।
दौड़ लगाई कर्मभूमि में ।।
कर्मभूमि से पहुचे जन्मभूमि ।
जननी जन्मभूमि मुस्कुराए ।।
जन्मभूमि श्रेष्ठ है कर्मभूमि से ।
जन्मभूमि सर्वश्रेष्ठ है स्वर्ग से ।।
इंसान भरा स्वार्थ ईर्ष्या से ।
अश्रु बहने लगे जन्मभूमि से ।।
जब उड़ गए प्राण पंखेरू ।
तन मिल जाए जन्मभूमि में ।।
जन्मभूमि श्रेष्ठ है कर्मभूमि स...























