तन्हाई बेबस
शिवम यादव ''आशा''
(कानपुर)
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ख्वाबों की दुनियाँ भरी है
जिन्दगी गम से भरी है
गम भरे हालात में जीकर
गुज़ारा कर रहे...
जीतना ही जीत जिसको
लग रही...
क्या बताएं ख्वाब दिल में
दिन ब दिन नए उग रहे...
हर तरफ़ तन्हाई बेबस
लोग चलते जा रहे
मैं अधूरा था अभी तक
पूरा खुद को कर रहे...
देख जालिम ये जमाना
बेरहम हर ओर है
क्या से क्या सपने गढ़े थे
दिख रहे कुछ और हैं...
लेखक परिचय :- नाम :- शिवम यादव रामप्रसाद सिहं ''आशा'' है इनका जन्म ७ जुलाई सन् १९९८ को उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात ग्राम अन्तापुर में हुआ था पढ़ाई के शुरूआत से ही लेखन प्रिय है, आप कवि, लेखक, ग़ज़लकार व गीतकार हैं, अपनी लेखनी में दमखम रखता हूँ !! अपनी व माँ सरस्वती को नमन करता हूँ !!
काव्य संग्रह :- ''राहों हवाओं में मन"
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक...




















