कर्म का सिद्धांत
डॉ. निरुपमा नागर
इंदौर (मध्यप्रदेश)
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कर्म का उपदेश है गीता
कर्म का है यह अटल सिद्धांत
कर्म की गति की है यह विशेषता
यही है जीवन की विचित्रता
कर्म का रखो अपने ध्यान
कह रहा गीता का ज्ञान
कर्म, गर हो क्रियमण
फल भोग कर होता यह शांत
फल मिलेगा अवश्य
हो गर यह संचित मान
संचित जब पक कर देते फल
हो जाते यह कर्म प्रारब्ध
हो जब सब निष्काम कर्म
प्रभु मिलन की राह होती प्रशस्त
कर्म का , भक्ति का या हो ज्ञान का मार्ग
भगवद् प्राप्ति का है यह अमोघ द्वार
है यह कर्म का अटल सिद्धांत
परिचय :- डॉ. निरुपमा नागर
निवास : इंदौर (मध्यप्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।...


















