सपन सलोने
मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
जबलपुर (मध्य प्रदेश)
********************
सपन सलोने मेरे हिय।
में सदा पलते रहे,
कुछ उजाले कम भले हों,
दीप तो जलते रहे।
सपन सलोने मेरे हिय,
में सदा पलते रहे।।
मृण्मयी गगन तके धरा,
प्रणय घट अब तो भरा।
मदन रुत चंचल है भ्रमर,
कण कण देख है हरा।।
प्रेम गीत गाते हम तो,
चाल सब चलते रहे।
सपन सलोने मेरे हिय,
में सदा पलते रहे।।
मर्मस्पर्शी घटा आई,
नैन से बर्षा हुई।
नागिन सी डसती रातें,
होती थी छुईमुई।।
साथ तेरा जब से मिला,
फूल से खिलते रहे।
सपन सलोने मेरे हिय,
में सदा पलते रहे।।
शूल भरी थीं जब राहें,
प्रतिबिंब हृदय बसता।
खूशबू प्रेम की बिखरी
हिय सितार है बजता।।
संग रहे जब हमदम फिर,
हाथ सब मलते रहे।
सपन सलोने मेरे हिय,
में सदा पलते रहे।।
परिचय :- मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
निवासी : जबलपुर (मध्य प्रदेश)
पति : पुरुषोत्तम भट्...




