भारत मॉं के वीर सपूत
शिमला शर्मा "लक्ष्मी प्रिया"
ग्वालियर (मध्यप्रदेश)
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दिवस ये प्रेम का था,
समूह जवानों का था
पुलवामा से वो चले,
खुशी- खुशी मान से।
खुद को कहे जो पाक,
हरकत की नापाक,
ऐसा क्रूर कृत्य किया,
खेल गया जान से।
दम है तो आकर के
वार करे सामने से,
पीठ पर वार करे,
कायर जहान से।
वीर वो शहीद हुए,
भारत की आन हुए,
कोटिश: नमन हम,
करते हैं शान से।
परिचय :- श्रीमती शिमला शर्मा "लक्ष्मी प्रिया"
निवासी : ग्वालियर (मध्यप्रदेश)
रुचि : गद्य/पद्म लेखन एवं गायन
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
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