दीपोत्सव
निरुपमा मेहरोत्रा
जानकीपुरम (लखनऊ)
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आओ मिलकर दीप जलाएं,
पंक्ति बनाकर राह सजाएं;
इस धरती से उस अंबर तक,
ज्योत जलाकर तिमिर मिटाएं।
आओ.......
हर आंगन जगमग हो जाए,
खुशियों की वर्षा हो जाए;
जब एक दीपक जले दीप से,
चहुं ओर झिलमिल हो जाए।
आओ.....
दीपोत्सव की शुभ बेला में,
अंतर्मन में ज्योत जलाएं;
प्रेम भरी कोमल बाती से,
मन आंगन दीप्त हो जाय।
आओ.....
स्वयं जले पर रोशन कर गए,
जाने कितने घर चौबारे;
आओ इन बुझे दीपों का,
आदर देकर मान बढ़ाएं।
आओ.....
परिचय :- निरुपमा मेहरोत्रा
जन्म तिथि : २६ अगस्त १९५३ (कानपुर)
निवासी : जानकीपुरम लखनऊ
शिक्षा : बी.एस.सी. (इलाहाबाद विश्वविद्यालय)
साहित्यिक यात्रा : कहानी संग्रह 'उजास की आहट' सन् २०१८ में प्रकाशित। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था द्वारा प्रति वर्ष प्रकाशित कहानी संकलनों में कहानियां प्रकाशित।...

























