शुक्ल पक्ष में
दीप्ता नीमा
इंदौर (मध्य प्रदेश)
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श्राद्ध पक्ष क्वाँर मास के
शुक्ल पक्ष में जब आता है
पितरों को तर्पण देकर
तब हर नर सुख पाता है।।
मात-पिता जो देवतुल्य हैं
सदा स्नेह बरसातें हैं
जीवन की हर कठिन घड़ी में
हम उनसे आशीष पाते हैं।।
भागवत पुराण में यमराज
पूज्य श्राद्धदेव कहलाते हैं
प्रसन्न हुए गर श्राद्ध से तो
पितर मुक्त हो जाते हैं।।
मृत्यु एक अटल सत्य है
यह श्राद्धपक्ष बतलाता है
सेवा प्रेम समर्पण ही पुण्य है
जीवन का सबक सिखलाता है।।
परिचय :- दीप्ता नीमा
निवासी : इंदौर (मध्य प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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